लंदन ब्रिटेन में एक दंपति का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। जब भी पति-पत्नी अपने घर से बाहर निकलते हैं उन्हें 12.50 पाउंड यानी 1248 रुपए का ULEZ फाइन देना पड़ता है। इस व्यवस्था से वे बेहद नाखुश और नाराज हैं क्योंकि अब तक वे कई बार जुर्माना दे चुके हैं। दरअसल जॉर्ज और वेरा डोवलर का घर एल्थाम में 'low emission zone' बॉर्डर पर स्थित है। इसका मतलब है कि जब भी वे अपनी पुरानी कारों से अपने घर के पास लगी ट्रैफिक लाइट को पार करते हैं तो उन्हें कैश फाइन का भुगतान करना पड़ता। पिछले महीने ULEZ का विस्तार हुआ था। लंदन में बनाया गया यूएलईजेड (Ultra Low Emission Zone) एक ऐसा क्षेत्र है जहां 'अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों' को चलाने के पर जुर्माना देना पड़ता है। इसकी वजह से जॉर्ज नई गाड़ी पर 40,000 पाउंड खर्च करने पर मजबूर हो चुके हैं। जबकि उनकी पत्नी वेरा ने अपनी पुरानी गाड़ियों को घर में कैद कर दिया है, जो ULEZ मानकों को पूरा नहीं करती हैं। मंत्री की वजह से खर्च करने पड़े 40,000 पाउंडजॉर्ज और उनकी पत्नी साउथ ईस्ट लंदन के अपने घर में 32 साल से रह रहे हैं। जब ULEZ को लेकर नियम बदले तो उनका घर इसकी सीमा पर आ गया। जॉर्ज ने कहा कि सादिक खान की वजह से मैंने मोटर्स में लगभग 40,000 पाउंड खर्च किए हैं। मुझे एक कार खरीदनी पड़ी और एक नई वैन के लिए 7000 पाउंड का भुगतान करना पड़ा। उन्होंने कहा कि मेरे पास एक वैन है जो पूरी तरह से सही है और एक साल में 5000 मील की दूरी तय कर सकती है। फिर भी एक वैन जो इस उत्सर्जन को पूरा करती है वह साल में 100,000 मील अधिक यात्रा कर सकती है। तो कौन हवा को अधिक प्रदूषित कर रहा है, मैं या वह? 'क्या है ट्रैफिक लाइट के दोनों ओर की हवा में अंतर?'जॉर्ज ने कहा कि यह सब पैसों के बारे में है। लोग अभी भी अपनी पुरानी गाड़ियों का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो हवा वैसी ही रहेगी इसलिए यह सिर्फ पैसे के बारे में है। यहां की हवा और ट्रैफिक लाइट के दूसरी तरफ की हवा में क्या अंतर है? उन्होंने बताया कि मैं हजारों लोगों की तरह धुएं के बीच बड़ा हुआ हूं। मैं 72 साल का हूं और अभी भी एक दम फिट हूं। निश्चित रूप से यह हवा नहीं बल्कि भोजन को लेकर है।
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