जकार्ता इंडोनेशिया के जावा द्वीप के के बाद लोगों को निकालने का काम जारी है। बताया जा रहा है कि इस विस्फोट में अभी तक एक व्यक्ति कि मौत हुई है, जबकि 41 लोग घायल बताए जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से इस ज्वालामुखी से राख और धुआं निकल रहा था। ज्वालामुखी से निकले राख और धूल की परत इतनी मोटी है कि पूरे जावा द्वीप पर दिन में ही रात जैसा नजारा दिखने लगा। इस क्षेत्र में ऑपरेट होने वाली विमानन कंपनियों ने पायलटों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं। लोगों को निकालने का काम जारी पूर्वी जावा प्रांत के आपदा प्रबंधन के प्रमुख बुडी सैंटोसा ने कहा कि उनकी टीम अब ज्वालामुखी के पास के क्षेत्र में निकासी करने की कोशिश कर रही है। सरकार ने विस्फोट से विस्थापित लोगों के लिए आवास और भोजन देने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि पूर्वी जावा प्रांत के दो जिले इस घटना से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इन जिलों पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है। एक साल में दूसरी बार फटा यह ज्वालामुखी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ लोग ऐसे क्षेत्रों में फंसे हुए हैं जहां बचावकर्मियों की पहुंच नहीं है। घने धुएं के गुबार से लोगों को निकालने के प्रयास बाधित हो रहे हैं। सेमेरु इंडोनेशिया के 130 सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है और सबसे घनी आबादी वाले प्रांतों में से एक में स्थित है। यह इस साल का दूसरा विस्फोट है। पिछला एक जनवरी में हुआ था और इसमें कोई हताहत नहीं हुआ था। विमानन कंपनियों को अलर्ट जारी ज्वालामुखी विस्फोट के कारण आसमान से राख, मिट्टी और पत्थरों की बारिश हुई। इस कारण प्रोनोजीवो और कैंडिपुरो के दो मुख्य गांवों को जोड़ने वाला एक पुल टूट गया। इंडोनेशियाई हवाई क्षेत्र को नियंत्रित करने वाली एजेंसी AirNav इंडोनेशिया ने आसमान में फैले राख और धूल को लेकर एयरलाइंस को चेतावनी जारी की है। उसने बताया है कि आसमान में यह राख 50,000 फीट (15,000 मीटर) तक दिखाई दे रही है।
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