जिनेवा/नई दिल्ली कोरोना वायरस का नया वैरियंट ओमीक्रोन (Omicron Variant India) अब भारत में भी दस्तक दे चुका है। कर्नाटक में विदेश से आए दो लोग ओमीक्रोन वैरियंट से संक्रमित पाए गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि करते हुए कहा कि भारत में अभी तक ओमीक्रोन के दो मामले ही मिले हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी इस वायरस को चिंता का विषय बताया है। यह वैरियंट इतना संक्रामक है कि 24 नवंबर को पहली बार डिटेक्ट होने के बाद अबतक 30 से अधिक देशों में फैल चुका है। किन-किन देशों में फैल चुका है ओमीक्रोन कोरोना का नया वैरियंट ओमीक्रोन अभी तक 30 से अधिक देशों में दस्तक दे चुका है। इसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बोत्सवाना, ब्राजील, कनाडा, चेक गणराज्य, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, घाना, हांगकांग, आयरलैंड, इजराइल, इटली, जापान, मोजाम्बिक, नीदरलैंड, नाइजीरिया, नॉर्वे, पुर्तगाल, रीयूनियन द्वीपसमूह, सऊदी अरब , दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्वीडन, स्विटजरलैंड, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं। किस देश में कब मिला ओमीक्रोन का पहला केस
दुनिया के 31 देशों ने लागू किया ट्रैवल बैन ओमीक्रोन वैरियंट को देखते हुए अमेरिका सहित दुनिया के 31 देशों ने ट्रैवल बैन लागू कर दिया है। अधिकतर देशों ने यह प्रतिबंध चुनिंदा देशों के लोगों के लिए ही लगाए हैं। वहीं, जापान, इजरायल और मोरक्को ने अपनी सीमा को पूरी तरह से सील कर दिया है। दुनिया के सभी देश दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना से आए यात्रियों की कड़ी निगरानी कर रहे हैं। इस प्रतिबंध से स्थायी निवासियों और लौट रहे लोगों को छूट दी गई है। म्यूटेशन के कारण खतरनाक है ओमीक्रोन वैरियंट दक्षिण अफ्रीका में शोधकर्ताओं ने 24 नवंबर, 2021 को कोविड-19 के नए स्वरूप ओमीक्रीन (B.1.1.529) की पहचान की और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने दो दिन बाद इसे चिंता वाला वैरियंट करार दिया। ओमीक्रोन कोरोना वायरस के स्वरूप के मामले में बेहद अलग है क्योंकि यह अब तक सार्स-सीओवी-2 का सबसे ज्यादा बदला हुआ स्वरूप है। इसकी आनुवंशिक संरचना में कुल 53 उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) हैं और अकेले तो स्पाइक प्रोटीन पर 32 म्यूटेशन हैं। कोरोना के नये वैरियंट को लेकर क्यों चिंतित हैं वैज्ञानिक? डेटा का आकलन करने के लिए विशेषज्ञों के एक समूह को बुलाने के बाद, डब्ल्यूएचओ ने कहा कि अन्य प्रकारों की तुलना में प्रारंभिक साक्ष्य इस स्वरूप से फिर से संक्रमण के बढ़ते जोखिम का सुझाव देते हैं। इसका मतलब है कि जो लोग संक्रमण से उबर चुके हैं, वे भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। समझा जाता है कि इस नये स्वरूप में कोरोना वायरस के स्पाइक प्रोटीन में सबसे ज्यादा, करीब 30 बार परिवर्तन हुए हैं जिससे इसके आसानी से लोगों में फैलने की आशंका है। ओमीक्रोन वैरियंट के बारे में क्या पता है और क्या नहीं? वैज्ञानिकों को पता चला है कि ओमीक्रोन, बीटा और डेल्टा स्वरूप सहित पिछले स्वरूपों से आनुवंशिक रूप से अलग है, लेकिन यह नहीं पता चल पाया कि क्या ये आनुवंशिक परिवर्तन इसे और अधिक संक्रामक या घातक बनाते हैं। अब तक, कोई संकेत नहीं मिले हैं कि स्वरूप अधिक गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। यह पता करने में संभवत हफ्तों लग सकते हैं कि क्या ओमीक्रोन अधिक संक्रामक है और क्या टीके इसके खिलाफ प्रभावी हैं या नहीं। इंपीरियल कॉलेज लंदन में प्रायोगिक चिकित्सा के प्रोफेसर पीटर ओपेनशॉ ने कहा कि यह काफी हद तक असंभव है कि वर्तमान टीके काम ना करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टीके कई अन्य स्वरूपों के खिलाफ प्रभावी हैं।
| देश | ओमीक्रोन का पहला केस मिलने की तारीख |
| दक्षिण अफ्रीका | 24 नवंबर |
| हॉन्ग कॉन्ग (चीन) | 25 नवंबर |
| बेल्जियम | 26 नवंबर |
| बोत्सवाना | 26 नवंबर |
| नीदरलैंड | 26 नवंबर |
| चेक रिपब्लिक | 27 नवंबर |
| यूनाइटेड किंगडम | 27 नवंबर |
| जर्मनी | 27 नवंबर |
| इजरायल | 27 नवंबर |
| इटली | 27 नवंबर |
| ऑस्ट्रेलिया | 28 नवंबर |
| कनाडा | 28 नवंबर |
| डेनमार्क | 28 नवंबर |
| ऑस्ट्रिया | 29 नवंबर |
| आयरलैंड | 29नवंबर |
| पुर्तगाल | 29 नवंबर |
| स्पेन | 29 नवंबर |
| स्वीडन | 29 नवंबर |
| स्विट्जरलैंड | 29 नवंबर |
| ब्राजील | 30 नवंबर |
| जापान | 30 नवंबर |
| रियूनियन | 30 नवंबर |
| दक्षिण कोरिया | 30 नवंबर |
| अमेरिका | 1 दिसंबर |
| घाना | 1 दिसंबर |
| नाइजीरिया | 1 दिसंबर |
| नॉर्वे | 1 दिसंबर |
| सऊदी अरब | 1 दिसंबर |
| भारत | 2 दिसंबर |
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