तेहरान/काबुल तालिबान और ईरान के बीच निमरोज प्रांत के पास भीषण संघर्ष हुआ है। तालिबानी प्रशासन का दावा है कि इस खूनी संघर्ष में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने कहा कि ईरान की ओर से अफगानिस्तान-ईरान सीमा पर ईंधन की तस्करी का प्रयास किया जा रहा था। इसके बाद तालिबान और ईरान की सेना के बीच संघर्ष शुरू हो गया। यह लड़ाई बुधवार को दिन में शुरू हुई और शाम तक जारी रही। स्थानीय तालिबानी अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया है कि तालिबान ने 3 चेक पोस्ट पर कब्जा कर लिया है। तालिबान प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद ने एक बयान जारी करके कहा कि यह संघर्ष स्थानीय स्तर पर गलतफहमी के बाद हुआ था। जबीउल्ला ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच आपसी बातचीत के बाद अब स्थिति नियंत्रण में है। अरब न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक निमरोज प्रांत के गवर्नर ने बताया है कि गलतफहमी को दूर कर लिया गया है जो ईंधन की तस्करी की वजह से हुआ था। 'फिलहाल शांति है लेकिन हम पूरी तरह से अलर्ट' निमरोज के गवर्नर ने कहा, 'इस गलतफहमी की मुख्य वजह अफगानिस्तान में ईंधन की तस्करी है। इस लड़ाई के दौरान कम से 9 ईरानी सैनिकों की मौत हो गई है और कई घायल हुए हैं।' उन्होंने कहा कि एक तालिबान फाइटर घायल हो गया है। ईरान के अधिकारियों ने तालिबान के 9 ईरानी सैनिकों को मारने के दावे की पुष्टि नहीं की है। निमरोज में तालिबानी कमांडर किआम मवलावी ने कहा कि यह संघर्ष ईरान की ओर से शुरू हुआ था। मवलावी ने कहा कि फिलहाल शांति है लेकिन हम पूरी तरह से अलर्ट हैं। ईरानी मीडिया ने कहा कि स्थानीय निवासियों के बीच विवाद के बाद यह लड़ाई शुरू हुई। उन्होंने ईरानी चौकियों पर कब्जे के दावे को खारिज कर दिया। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि तालिबानी सैनिक सीमा पार करके ईरान में घुस गए थे। उन्होंने तीन चौकियों बुर्जक, मेलक और शाह बालक पर कब्जा कर लिया। दोनों पक्षों के बीच भीषण गोलाबारी हुई है।
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