Thursday, 2 December 2021

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मॉस्को यूक्रेन को लेकर रूस और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। रूस के विदेश मंत्री ने कहा है कि अमेरिका जल्द ही यूरोप में मध्यम दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों को तैनात करने जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका के इस कदम से यूरोप में रणनीतिक स्थिरता को खतरा पैदा होगा। उन्होंने इसे उकसाने वाली कार्रवाई बताते हुए चेतावनी दी कि इससे सैन्य टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। रूसी विदेश मंत्री बोले- इलाके की स्थिरता को खतरा लावरोव ने 28 वीं ओएससीई मंत्रिस्तरीय परिषद की एक बैठक में कहा कि रणनीतिक स्थिरता की बुनियाद तेजी से ढह रही है। नाटो (NATO) तनाव को कम करने और खतरनाक घटनाओं को रोकने के हमारे प्रस्तावों पर रचनात्मक रूप से विचार करने से इनकार कर रहा है। इसके विपरीत, नाटो गठबंधन के सैन्य बुनियादी ढांचे को रूसी सीमाओं के करीब लाया जा रहा है। एक बुरे सपने जैसे परिदृश्य, एक सैन्य टकराव की वापसी हो रही है। रूस बोला- हम अमेरिका के साथ बातचीत को तैयार लावरोव ने चेतावनी देते हुए कहा कि रूस उन समझौतों पर जोर देने जा रहा है जिससे पूर्व में नाटो की आक्रामकता को खत्म किया जा सके। उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ एक बातचीत में, हम उन समझौतों के विकास पर जोर देंगे जो भविष्य में किसी भी तरीके से नाटो के कूच और वेपन सिस्टम की तैनाती को रोक सकती है। ये हथियार रूस की सीमाओं के करीब आकर हमें धमकी दे रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ की मीटिंग रूसी विदेश मंत्री ने अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ अपनी बैठक के दौरान कहा कि रूस यूक्रेन के मुद्दे पर अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने दावा किया कि रूस यूक्रेनी संकट को हल करने के प्रयासों को समर्थन देने की इच्छा रखता है। हम यूक्रेनी संकट को हल करने के प्रयासों में शामिल होने में रुचि रखते हैं। हमारे अमेरिकी सहयोगियों ने एक से अधिक बार कहा है कि वे पिछले प्रशासन के तहत मौजूद संवाद के एक अलग चैनल को बहाल करके, नॉर्मंडी प्रारूप को नष्ट किए बिना मदद करना चाहते हैं। रूस-यूक्रेन में क्यों भड़का तनाव इस हफ्ते की शुरुआत में, यूक्रेनी सेना ने डोनबास में अलगाववादियों के खिलाफ तुर्की के TB2 मानव रहित लड़ाकू हवाई वाहनों (UCAV) के साथ हमले किए। जनवरी 2015 में यूक्रेन और रूस समर्थित अलगाववादियों के बीच भयंकर झड़पें हुई थीं। 12 फरवरी, 2015 को मिन्स्क II नाम के नए युद्धविराम पर सहमति होने से पहले डोनेट्स्क अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और डेबाल्टसेव में भीषण संघर्ष हुआ था।


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