Monday, 25 January 2021

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अमेरिका की स्पेस एजेंसी NASA के कसीनी (Cassini) मिशन खत्म होने के तीन साल बाद भी शनि से अहम डेटा भेज रहा है। आखिरी बार यह स्पेसक्राफ्ट जब शनि के चांद टाइटन (Titan) के पास निकला था, तब लिए गए डेटा से पता चला है कि इस पर मौजूद विशाल क्रेकन मेयर (Kraken Mare) नाम की झील एक हजार फीट गहरी हो सकती है। यह झील इतनी गहरी है कि कसीनी का रेडार इसके नीचे तक रीड भी नहीं कर सका। (तस्वीर: © NASA/John Glenn Research Center)

Moon of Saturn Titan: वैज्ञानिकों को मिले डेटा से पता लगा है कि शनि के चांद टाइटन की सतह पर 1000 फीट गहरा सागर हो सकता है।


शनि के चांद टाइटन पर मौजूद झील हो सकती है 1,000 फीट गहरा विशाल सागर, जीवन की तलाश में कैसे अहम यह खोज?

अमेरिका की स्पेस एजेंसी NASA के कसीनी (Cassini) मिशन खत्म होने के तीन साल बाद भी शनि से अहम डेटा भेज रहा है। आखिरी बार यह स्पेसक्राफ्ट जब शनि के चांद टाइटन (Titan) के पास निकला था, तब लिए गए डेटा से पता चला है कि इस पर मौजूद विशाल क्रेकन मेयर (Kraken Mare) नाम की झील एक हजार फीट गहरी हो सकती है। यह झील इतनी गहरी है कि कसीनी का रेडार इसके नीचे तक रीड भी नहीं कर सका। (तस्वीर: © NASA/John Glenn Research Center)



शनि के चांद पर नजर
शनि के चांद पर नजर

साल 2014 में मिले डेटा से संकेत मिले थे कि क्रेकन 115 फीट गहरी हो सकती है लेकिन ताजा डेटा उससे 10 गुना ज्यादा गहराई दिखा रहा है। इसकी गहराई और इसे बनाने वाले तत्वों से टाइटन की पहेलीनुमा केमिस्ट्री के बारे में ज्यादा जानकारी मिलने की उम्मीद है। यहां इथेन और मीथेन तालाबों, झीलों और नदियों में इकट्ठा होती है। स्टडी के लीड लेखक वलेरियो पोगियाली का कहना है, 'क्रेकन मेयर का सिर्फ नाम महान नहीं है, बल्कि इसमें चांद की सतह पर मौजूद पानी का 80% हिस्सा मौजूद है।' (तस्वीर: NASA/JPL-Caltech)



टाइटन पर मुमकिन जीवन?
टाइटन पर मुमकिन जीवन?

टाइटन की बनावट धरती से काफी अलग है लेकिन इसका भूल काफी मिलता-जुलता सा लगता है। यह हमारे सौर मंडल का इकलौता ऐसा चांद है जिसका मोटा वायुमंडल है। नाइट्रोजन गैस की भारी मौजूदगी धरती के वायुमंडल सी लगती है जिसमें ज्यादातर मात्रा नाइट्रोजन-ऑक्सिजन की है। माना जाता है कि टाइटन पर जीवन संभव हो सकता है। इसीलिए उसे किसी कंटैमिनेशन से बचाने के लिए कसीनी को शनि पर साल 2017 में क्रैश करा दिया गया था। (तस्वीर: © NASA/JPL)



नतीजों से हैरान हैं वैज्ञानिक
नतीजों से हैरान हैं वैज्ञानिक

इससे पहले 21 अगस्त, 2014 को इसने यह डेटा इकट्ठा किया था। क्रेकन मेयर की गहराई नापने के लिए वैज्ञानिकों ने रेडार सिग्नल के पानी की सतह से गहराई तक जाकर वापस लौटने का समय नापा और फिर इसकी तुलना की। अभी तक इसके आकार और ध्रुवों से दूरी के आधार पर माना जा रहा था कि इसमें सिर्फ इथेन है लेकिन इस बार मीथेन भी मिली जिससे वैज्ञानिक हैरान रह गए। इस झील की बनावट के आधार पर वैज्ञानिक समझ सकेंगे कि इस चांद पर बारिश का चक्र कैसा है।





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