Saturday, 23 January 2021

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मॉस्को रूस के राष्ट्रपति के धुर विरोधी मॉस्को एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी के बाद से ही विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है। शनिवार को माइनस 50 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान में प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को राजधानी मॉस्को और पूर्वी खाबारोवस्क इलाके में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने नवलेनी के प्रवक्ता और वकील को भी हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि रूस के कम से कम 60 शहरों में एलेक्सी नवेलनी के समर्थन में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ऐक्शन में पुलिस पुलिस ने पूरे रूस में लोगों को प्रदर्शनों में शामिल नहीं होने की अपील की है। नवलेनी के समर्थन वाले इलाकों में तो पुलिस ने लोगों के घरों में रहने की अपील की है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग मास्को समेत अन्य शहरों में सड़कों पर उतरे हैं। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि रूस के कुछ इलाकों में मोबाइल नेटवर्क को भी जाम किया गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। रविवार को नवलेनी को किया गया था गिरफ्तार विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी को पुलिस ने रविवार को मॉस्को एयरपोर्ट पर उतरते ही हिरासत में ले लिया था। पिछली गर्मियों में जहर दिए जाने के बाद से वह जर्मनी में अपना इलाज करा रहे थे और रविवार को ही स्वदेश पहुंचे थे। इस कदम से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को एक बार फिर पश्चिमी देशों की आलोचना झेलनी पड़ रही है। अमेरिका और फ्रांस समेत कई देशों ने रूसी सरकार की कड़ी आलोचना की है और जल्द नवेलनी को रिहा करने की मांग की है। 20 अगस्त को नवेलनी को दिया गया था जहर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के मुखर विरोधियों में से एक नवेलनी को रूस में 20 अगस्त को एक घरेलू उड़ान के दौरान बीमार हो गए थे। बीमार नवलेनी को विमान से आपाकतालीन परिस्थितियों में उतारने और ओम्सक में साइबेरियन अस्पताल में इलाज कराने के दो दिन बाद नवलनी को 22 अगस्त को निजी एयर एंबुलेंस के जरिये बर्लिन लाया गया था। जिसके बाद रासायनिक हथियार निरस्त्रीकरण संगठन द्वारा की गई जांच में पता चला कि नवलनी को सोवियत-काल के नर्व एजेंट नोविचोक जहर दिया गया था। 50 साल पुराना है नोविचोक जहर नोविचोक सोवियत संघ के जमाने का नर्व एजेंट है। कहा जाता है कि रूसी खुफिया एजेंसी अपने बड़े शिकार को आसानी से मारने के लिए इसका इस्तेमाल करती है। इसको 1960 से 1970 के दशक में बनाया गया था। इस जहर को रूस की चौथी पीढ़ी के रसायनिक जहर को विकसित करने के कार्यक्रम फोलेन्ट के जरिए बनाया गया था। 1990 के पहले दुनिया को इस नर्व एजेंट के बारे में मालूम ही नहीं था। रूसी वैज्ञानिक डॉ विल मिर्जानोव ने अपनी किताब स्टेट सीक्रेट्स में इस जहर के बारे में बताया था।


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