हमारी आकाशगंगा में सितारों के क्लस्टर (समूह) तो अनेक हैं लेकिन एक नई स्टडी में ऐसे परिवार का पता चला है जिसमें करीब 500 सितारे शामिल हैं। ये सितारे एक गुच्छे की जगह धारा की तरह बहते से दिखते हैं और यूरोपियन स्पेस एजेंसी के Gaia स्पेस टेलिस्कोप से मिले डेटा के आधार पर पाया गया है कि ये सभी एक साथ पैदा हुए थे। सितारों की यह धारा आसमान में एक साथ एक ही दिशा में चल भी रही है। इस खोज की मदद से ब्रह्मांड से जुड़ी कई अहम पहेलियों को सुलझाने की उम्मीद है। कैसे सितारे पैदा होते हैं, गैलेक्सी कैसे बनती हैं- ऐसे कई सवालों के जवाब मिलने में मदद मिल सकती है। (Image credit: NASA / JPL-Caltech / R. Hurt, SSC & Caltech.)Milky Way Star Stream: ब्रह्मांड में सितारे कई पैटर्न में पाए जाते हैं और एक ताजा स्टडी में पाया गया है कि हमारी आकाशगंगा में ही 10 करोड़ साल पुराना सितारों का समूह एक धारा की तरह बह रहा है।

हमारी आकाशगंगा में सितारों के क्लस्टर (समूह) तो अनेक हैं लेकिन एक नई स्टडी में ऐसे परिवार का पता चला है जिसमें करीब 500 सितारे शामिल हैं। ये सितारे एक गुच्छे की जगह धारा की तरह बहते से दिखते हैं और यूरोपियन स्पेस एजेंसी के Gaia स्पेस टेलिस्कोप से मिले डेटा के आधार पर पाया गया है कि ये सभी एक साथ पैदा हुए थे। सितारों की यह धारा आसमान में एक साथ एक ही दिशा में चल भी रही है। इस खोज की मदद से ब्रह्मांड से जुड़ी कई अहम पहेलियों को सुलझाने की उम्मीद है। कैसे सितारे पैदा होते हैं, गैलेक्सी कैसे बनती हैं- ऐसे कई सवालों के जवाब मिलने में मदद मिल सकती है। (Image credit: NASA / JPL-Caltech / R. Hurt, SSC & Caltech.)
दूसरों से अलग हैं ये सितारे

Theia 456 नाम की इस धारा पर आधारित स्टडी अमेरिकन ऐस्ट्रोनॉमिकल सोसायटी की 237वीं बैठक में पेश किया गया। स्टडी के लेखक जेफ ऐंड्रूज ने बताया है कि एक समूह में सितारे आमतौर पर एक साथ ही पैदा होते हैं लेकिन Theia 456 की खास बात यह है कि यह एक गुच्छा नहीं है। यह फैला हुआ और लंबा है। जेफ का कहना है कि अडवांस्ड इंस्ट्रुमेंट और टेक्नॉलजी की मदद से सितारों के नए पैटर्न को देखा जा रहा है जिनके बारे में पहले ज्यादा जानकारी नहीं थी। इनके अस्तित्व के बारे में पहले पता लग चुका था लेकिन इन्हें देखना मुश्किल था। इससे साफ होता है कि ऐसे कई पैटर्न हो सकते हैं जिनके बारे में आज ज्यादा जानकारी नहीं है। (Image Credit & Copyright: R Jay Gabany (Blackbird Observatory) - collaboration; D.Martínez-Delgado(IAC, MPIA), J.Peñarrubia (U.Victoria) I. Trujillo (IAC) S.Majewski (U.Virginia), M.Pohlen (Cardiff))
क्यों खास है यह खोज?

Theia 456 आकाशगंगा में 57 करोड़ लाइट इयर तक फैली है। जेफ ने बताया है कि अमूमन टेलिस्कोप्स के जरिए आकाशगंगा से बाहर की ओर देखा जाता है क्योंकि वहां पर कुछ देखना और खोज पाना आसान होता है। अब ऐसे नजारे अपनी आकाशगंगा में ही देखने को मिल रहे हैं जो घास के ढेर में सुई ढूंढने जैसा है। उन्होंने बताया है कि इस धारा के सभी सितारों में करीब-करीब समान मात्रा में लोहा (iron) मौजूद है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि ये सितारे 10 करोड़ साल पहले पैदा हुए होंगे। (Ana Bonaca, Gaia/ESA)
मिलेंगे कई सवालों के जवाब

इन सितारों की चमक में आए बदलाव के आधार पर यह भी पाया गया है कि ये सभी एक ही गति पर घूम रहे हैं। इससे भी साफ होता है कि ये सभी एक साथ पैदा हुए थे। जेफ ने बताया है कि अगर यह समझा जा सके कि सितारे कैसे चल रहे हैं, तो यह भी पता लगाया जा सकता है कि वे कहां से आए हैं। जैसे-जैसे पीछे जाते हैं, पता चलता है कि ये सितारे ज्यादा करीब हुआ करते थे। इससे संकेत मिलता है कि ये सभी एक ही जगह से एक साथ पैदा हुए थे। गैलेक्सी में सितारों के पैदा होने की प्रक्रिया को समझने से ब्रह्मांड के बारे में गहराई से पता लगाया जा सकता है और समझा जा सकता है कि कैसे सितारे और गैलेक्सी पैदा हुई थीं। (NASA)
from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3iqdjHR
via IFTTT
No comments:
Post a Comment