ओस्लो यूरोपीय देश नार्वे में फाइजर की कोरोना वायरस वैक्सीन लगवाने के बाद 23 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि इसमें से 13 लोगों की मौत कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट की वजह से हुई। अब नार्वे ने चेतावनी दी है कि कोरोना वायरस से पूरी तरह से बचाव के लिए लोगों को दो नहीं बल्कि तीन बार वैक्सीन लगवाना होगा। नार्वे ने कहा कि देश के लोगों को इस साल के आखिर तक एक और वैक्सीन लगवाना होगा। नार्वे के नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ ने चेतावनी दी है कि जिन लोगों को कोरोना वायरस के दो डोज दिए जा चुके हैं, उन्हें साल के आखिर तक एक और डोज लेना होगा। उसने कहा, 'यह हो सकता है कि हमें एक बूस्टर वैक्सीन कुछ महीने बाद देनी होगी लेकिन हम अभी इसे नहीं जानते हैं। यह वह स्थिति जिसके लिए हम तैयार हैं। वैक्सीन बनाने वाले भी अगर जरूरत पड़ी तो इसके लिए तैयार हैं।' संस्था के डायरेक्टर गेइर बुखोलम ने कहा कि हमारा मानना है कि आपके अंदर कुछ समय के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता आ गई है। इन वैक्सीन के बारे में अभी कई ऐसी बाते हैं जिनके बारे में नहीं जानते हैं। चूंकि लोग अब इस वैक्सीन को लगवा रहे हैं तो हमें इस तरह की जानकारी लेनी होगी।' पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड के ताजा शोध के मुताबिक ये वैक्सीन 5 महीने तक ही रोग प्रतिरोधक क्षमता दे रही हैं। इससे पहले टीका बनाने वाली कंपनी मॉडर्ना ने दावा किया था कि उसका टीका एक साल तक प्रभावी रहेगा लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि वैक्सीन 100 फीसदी गारंटी के साथ नहीं आई हैं। यह संभव है कि कुछ लोगों में वैक्सीन लगवाने के बाद कुछ हद तक इम्युनिटी आ जाए लेकिन वे फिर भी दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं।
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