Sunday, 21 February 2021

https://ift.tt/36CAGd7

वॉशिंगटन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया के तानाशाह को से सफर करने का ऑफर दिया था। ट्रंप के एक पूर्व सहयोगी ने दावा किया है कि यह ऑफर हनोई में दोनों नेताओं के मुलाकात के दौरान दिया गया था। तब ट्रंप ने कहा था कि मैं दो घंटे में आपको हनोई से प्योंगयांग छोड़ सकता हूं। बता दें कि ट्रंप के साथ दूसरे समिट के लिए किम जोंग उन ट्रेन का सफर कर वियतनाम की राजधानी हनोई पहुंचे थे। किम जोंग को एयरफोर्स वन में सफर करने की पेशकश की बीबीसी की सीरीज ट्रंप टेक्स ऑन द वर्ल्ड में इंटरव्यू के दौरान नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के एशिया एक्सपर्ट रहे मैथ्यू पोटिंगर ने कहा कि ट्रंप ने किम जोंग को एयर फोर्स वन में लिफ्ट देने की पेशकश की थी। पोटिंगर ने कहा कि राष्ट्रपति को पता था कि किम चीन से होते हुए हनोई में कई दिनों की ट्रेन की यात्रा कर पहुंचे थे। जिसके बाद राष्ट्रपति ने कहा: 'यदि आप चाहें तो मैं आपको दो घंटे में घर पहुंचा सकता हूं।' लेकिन, किम जोंग उन ने मना कर दिया। किम के लिए दक्षिण कोरिया को नाराज करना चाहते थे ट्रंप अमेरिका के पूर्व सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन के अनुसार, ट्रंप ने सोचा था कि उन्हें एक सच्चा दोस्त मिल गया है। यहां तक कि उन्होंने एक बार किम जोंग उन को खुश करने के लिए अमेरिका और दक्षिण कोरिया में सैन्य अभ्यास को रोकने की अनुमति दे दी थी। कोरिया युद्ध के बाद से ही दक्षिण कोरिया में अमेरिकी सेना की मौजूदगी है। उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया की सीमा पर स्थित डीएमजी की रखवाली भी अमेरिकी फौज ही करती है। कैसे मिले थे किम जोंग और डोनाल्ड ट्रंप किम जोंग उन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात की कहानी भी बड़ी रोचक है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने उत्तर कोरिया के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई पर चर्चा करने के लिए व्हाइट हाउस का दौरा किया। उस समय सहायक महासचिव जेफ फेल्टमैन को प्योंगयांग दौरे का निमंत्रण मिला। ट्रंप ने एंटोनियो गुटेरेस से कहा कि वे चाहते हैं कि जेफ फेलमैन प्योंगयांग का दौरा करें और उन्हें बताएं कि मैं किम जोंग-उन के साथ बैठक करने के लिए तैयार हूं। यूएन के सहयोग से मिले किम और ट्रंप जब जेफ फेल्टमैन प्योंगयांग पहुंचे, तो उन्होंने उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री के साथ मुलाकात की और उन्हें ट्रंप के संदेश के बारे में बताया। जिसके बाद उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री थोड़ी देर के लिए चुप हो गए। उन्होंने फेलमैन से कहा कि मुझे आप पर भरोसा नहीं है। जिसके बाद जब यह बात किम जोंग उन तक पहुंची तो उन्होंने तुरंत कोई जवाब नहीं दिया। लेकिन, कुछ दिनों बाद दोनों नेता बैठक करने के लिए सहमत हो गए।


from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3qSToVe
via IFTTT

No comments:

Post a Comment

https://ift.tt/36CAGd7

रियाद सऊदी अरब के नेतृत्‍व में गठबंधन सेना ने यमन की राजधानी सना में हूती विद्रोहियों के एक शिविर को हवाई हमला करके तबाह कर दिया है। सऊदी...