Sunday, 21 February 2021

https://ift.tt/36CAGd7

यरूशलम समुद्र में तेल रिसाव के कई दिन बाद इजराइल ने रविवार को अगले नोटिस तक अपने सभी भूमध्यसागरीय तटों को बंद कर दिया। रिसाव के बाद कई टन तेल 100 मील से अधिक दूरी तक फैल गया है जिसे देश की सर्वाधिक भीषण पारिस्थितिकी आपदाओं में से एक माना जा रहा है। पिछले सप्ताह भीषण तूफान के बाद समुद्र में तेल फैल गया था। हालांकि, तेल रिसाव के सही कारण का अब तक पता नहीं चल पाया है। के इतिहास में सबसे भीषण आपदा इजराइल के ‘नेचर एंड पार्क्स अथॉरिटी’ ने इस घटना को देश के इतिहास में सर्वाधिक भीषण पारिस्थितिकी आपदाओं में से एक करार दिया है जिससे समुद्री जीव-जंतुओं के लिए खतरा पैदा हो गया है। स्वयंसेवी शनिवार को तेल की परत हटाने के काम में मदद करने पहुंचे, लेकिन इनमें से कई लोग इसकी गंध के चलते बीमार हो गए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तटों को किया गया बंद इजराइल ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रविवार को अगले नोटिस तक अपने सभी भूमध्यसागरीय तटों को बंद कर दिया। यह तबाही इतनी भीषण है कि इजरायली अधिकारियों का मानना है कि इससे निपटने में कम से कम साल भर का समय लग सकता है। अब इजरायली अधिकारी उस जहाज की तलाश में जुटे हैं जिससे यह लीकेज हुई है। जहाजों को ट्रैक करने में जुटा इजरायल इजरायल की सेना ने कहा कि वह इस प्रयास में मदद करने के लिए हजारों सैनिकों को तैनात कर रहा है। अधिकारियों ने अगली सूचना तक सभी को समुद्र तटों से दूरी बनाए रखने की चेतावनी दी है। यूरोपीय एजेंसियों के साथ मिलकर इजरायल उन जहाजों की खोज में जुटा है जो उसके तट से 50 किलोमीटर के इलाके में 11 फरवरी को गुजरे थे। माना जा रहा है कि इनमें से एक के कारण यह प्रदूषण फैला है। पर्यावरण संरक्षण मंत्री गिला गामिल ने कहा कि उस समय इस इलाके में नौ जहाजों को देखा गया था। जिनकी जांच की जा रही है।


from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3sez8xH
via IFTTT

No comments:

Post a Comment

https://ift.tt/36CAGd7

रियाद सऊदी अरब के नेतृत्‍व में गठबंधन सेना ने यमन की राजधानी सना में हूती विद्रोहियों के एक शिविर को हवाई हमला करके तबाह कर दिया है। सऊदी...