Sunday, 21 February 2021

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जो बाइडन के अमेरिका का राष्ट्रपति बनते ही रूस के साथ तनाव अचानक चरम पर पहुंच गया है। इन दो महाशक्तिशाली देशों के बीच सुलग रही आग में पूरे यूरोप के जलने का खतरा पैदा हो गया है। अमेरिका और रूस पहले से ही बाल्टिक सागर में बादशाहत को लेकर मरने मारने पर उतारू हैं। अब इस युद्ध के मैदान का विस्तार बैरंट सी तक हो गया है। अमेरिका ने जैसे ही अपने सबसे शक्तिशाली परमाणु बॉम्बर्स को नॉर्वे में तैनात किया, वैसे ही रूस ने भी अपनी मिसाइलों का मुंह उधर ही मोड़ दिया है। माना जा रहा है कि अमेरिका नए राष्ट्रपति के कार्यकाल की शुरुआत में ही रूस को चैलेंज करने की कोशिश में है। वहीं, रूस किसी भी कीमत पर दबने नहीं जा रहा। इन दिनों राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विरोधी एलेक्सी नवलनी की गिरफ्तारी के बाद से रूस और यूरोपीय देशों के बीच भी तनाव जारी है। यूरोपीय यूनियन जहां नए प्रतिबंधों को लगाने पर विचार कर रहा है, वहीं रूस ने भी चेतावनी दी है कि अगर ऐसा होता है तो वह अपने संबंधों को पूरी तरह से तोड़ लेगा।

जो बाइडन के अमेरिका का राष्ट्रपति बनते ही रूस के साथ तनाव अचानक चरम पर पहुंच गया है। इन दो महाशक्तिशाली देशों के बीच सुलग रही आग में पूरे यूरोप के जलने का खतरा पैदा हो गया है। अमेरिका और रूप पहले से ही बाल्टिक सागर में बादशाहत को लेकर मरने मारने पर उतारू थे।


नॉर्वे पहुंचे अमेरिकी B-1 बॉम्बर्स तो रूस ने तानी मिसाइल, फिर जंग के मुहाने पर खड़ा यूरोप?

जो बाइडन के अमेरिका का राष्ट्रपति बनते ही रूस के साथ तनाव अचानक चरम पर पहुंच गया है। इन दो महाशक्तिशाली देशों के बीच सुलग रही आग में पूरे यूरोप के जलने का खतरा पैदा हो गया है। अमेरिका और रूस पहले से ही बाल्टिक सागर में बादशाहत को लेकर मरने मारने पर उतारू हैं। अब इस युद्ध के मैदान का विस्तार बैरंट सी तक हो गया है। अमेरिका ने जैसे ही अपने सबसे शक्तिशाली परमाणु बॉम्बर्स को नॉर्वे में तैनात किया, वैसे ही रूस ने भी अपनी मिसाइलों का मुंह उधर ही मोड़ दिया है। माना जा रहा है कि अमेरिका नए राष्ट्रपति के कार्यकाल की शुरुआत में ही रूस को चैलेंज करने की कोशिश में है। वहीं, रूस किसी भी कीमत पर दबने नहीं जा रहा। इन दिनों राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विरोधी एलेक्सी नवलनी की गिरफ्तारी के बाद से रूस और यूरोपीय देशों के बीच भी तनाव जारी है। यूरोपीय यूनियन जहां नए प्रतिबंधों को लगाने पर विचार कर रहा है, वहीं रूस ने भी चेतावनी दी है कि अगर ऐसा होता है तो वह अपने संबंधों को पूरी तरह से तोड़ लेगा।



रूस ने जारी की मिसाइल टेस्ट की चेतावनी
रूस ने जारी की मिसाइल टेस्ट की चेतावनी

रूस के रक्षा मंत्रालय ने इस क्षेत्र में अमेरिका के 4 बी-1 स्ट्रैटजिक बॉम्बर्स विमानों के आते ही मिसाइल टेस्ट के लिए NOTAM जारी कर दिया है। दरअसल यह एक चेतावनी होती है कि इस क्षेत्र में किसी घातक फ्लाइंग ऑब्जेक्ट का टेस्ट किया जाएगा। जिससे उस क्षेत्र में उड़ान पर या तो प्रतिबंध लगा दिया जाता है। या फिर अगर कोई मिलिट्री एयरक्राफ्ट उड़ता है तो उसे सचेत किया जाता है। यह चेतावनी 18 से 24 फरवरी की अवधि के लिए निर्धारित है। इस चेतावनी में नॉर्वे के मुख्य भूमि से लेकर स्वेलबर्ड द्वीप तक का इलाका शामिल है। इस इलाके को बियर गैप के नाम से जाना जाता है। इस मिसाइल के प्रभाव क्षेत्र में बैरंट सी का पूरा इलाका भी शामिल है, जहां रूस के कई जंगी युद्धपोत गश्त कर रहे हैं।



नॉर्वे पहुंची अमेरिकी बी-2 बॉम्बर्स की सपोर्टिंग टीम
नॉर्वे पहुंची अमेरिकी बी-2 बॉम्बर्स की सपोर्टिंग टीम

अमेरिका लगातार यूरोप में अपनी सैन्य उपस्थिति को मजबूत करने में जुटा है। इसलिए नॉर्वे में अमेरिकी सेना के 200 जवानों का एक दल पहले ही पहुंच चुका है। इसमें बी-1 स्ट्रैटजिक विमानों की मेंटिनेंस टीम, वेपन हैंडलिंग टीम के साथ अमेरिकी कमांडो भी शामिल हैं। एक महीने पहले ही जो बाइडन ने ट्रंप के उस आदेश को पलट दिया था जिसमें जर्मनी में तैनात अमेरिकी सेना को वापस बुलाने को कहा गया था। नॉर्वे और जर्मनी के अलावा ग्रीनलैंड में भी अमेरिकी सेना मौजूद है। ऐसे में रूस को डर सता रहा है कि कहीं, अमेरिका इस चाल के जरिए यूरोप में उसके प्रभाव को कम करने और घेराबंदी करने की प्लानिंग तो नहीं कर रहा। क्योंकि, ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिकी सेना ने बाल्टिक सागर में अपनी पैठ बनाने की खूब कोशिश की थी। हालांकि, रूस के चौकन्ना होने से उनकी यह कोशिश कामयाब नहीं हो सकी थी।



अमेरिका को रूस का करारा जवाब है यह मिसाइल टेस्ट
अमेरिका को रूस का करारा जवाब है यह मिसाइल टेस्ट

नॉर्वेजियन डिफेंस रिसर्च इस्टेब्लिशमेंट (FFI) के सीनियर रिसर्च फेलो क्रिस्टियन ऑटलैंड ने कहा कि रूसी मिसाइल परीक्षण के समय और यूएस बी 1 बमवर्षकों के अनुमानित आगमन आपस में जुड़ा हुआ है। यह सीधे तौर पर अमेरिका को चेतावनी है कि अगर उसने कुछ करने की कोशिश की तो इसके परिणाम गंभीर होंगे। उन्होंने कहा रूस का मिसाइल टेस्ट नॉर्वे की धरती पर अमेरिकी बॉम्बर्स की मौजूदगी का विरोध जताने का तरीका हो सकता है। रूसी परीक्षण क्षेत्र 22 वें और 25 डिग्री पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है। नॉर्वे के स्वयं के प्रतिबंध के कारण मित्र देशों के विमान आमतौर पर इस लाइन के पूर्व में प्रशिक्षण गतिविधियों का संचालन नहीं करते हैं। क्योंकि, नॉर्वे को भी रूसी एयरक्राफ्ट के घुसपैठ का डर सताता रहता है। इस कारण नॉर्वे ने इस पूरे इलाके को ही गैर उड़ान का क्षेत्र घोषित किया हुआ है।



रूस के कई जंगी युद्धपोत इस क्षेत्र में लगा रहे गश्त
रूस के कई जंगी युद्धपोत इस क्षेत्र में लगा रहे गश्त

नॉर्वेजियन ऑर्म्ड फोर्सेस के प्रवक्ता मेजर ब्रायनजर स्टोर्डल ने पुष्टि की कि रूसी अधिकारियों ने नॉर्वे की मुख्य भूमि और बियर गैप के बीच अंतर्राष्ट्रीय जल क्षेत्र में एक NOTAM क्षेत्र की घोषणा की है। स्टोर्डल ने कहा कि यह रूस के लिए क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी किया गया है। हम निश्चित रूप से अपने आस-पास के क्षेत्रों में ऐसी गतिविधि की निगरानी करते हैं जो स्वाभाविक रूप से हमें मिल रही हैं। नॉर्थ केप और बियर गैप के बीच के समुद्र में नार्वे, रूसी और यूरोपीय संघ के ट्रॉलर लगातार मछली पकड़ते हैं। यह पूरा इलाका मछलियों से भरा हुआ है, जिसके कारण हर देश के मछुआरे अपने ट्रॉलर्स के साथ इस इलाके में आते रहते हैं।



परमाणु मिसाइलों के साथ तैनात है रूसी नौसेना का उत्तरी फ्लीट
परमाणु मिसाइलों के साथ तैनात है रूसी नौसेना का उत्तरी फ्लीट

इस क्षेत्र में रूस की महत्वपूर्ण उत्तरी फ्लीट तैनात रहती है। जिसमें घातक बैलिस्टिक मिसाइलों और परमाणु पनडुब्बियां शामिल हैं। यह रूस पर परमाणु हमला होने की सूरत में सैकेंड स्ट्राइक करने की क्षमता रखती है। मतलब अगर रूस के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर किसी देश ने परमाणु हमला किया तो रूस भी जवाबी कार्रवाई के तौर पर इस क्षेत्र में तैनात उत्तरी फ्लीट की मदद से जवाबी हमला कर सकता है। उत्तरी अटलांटिक सागर के इस क्षेत्र में रूस की परमाणु क्षमता से चलने वाली पनडुब्बियों के ट्रैक करना आसान नहीं होता है। इस इलाके में ठंड के मौसम में कई क्षेत्र में पानी जम जाता है। जिसके नीचे मौजूद किसी पनडुब्बी को डिटेक्ट करना बहुत मुश्किल होता है।





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