Friday, 5 February 2021

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वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति सत्ता संभालने के दिन से ही रूस के खिलाफ बयान दे रहे हैं। गुरुवार के वॉशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्रालय की यात्रा के दौरान भी उन्होंने रूस को लेकर बेहद कड़े शब्दों का प्रयोग किया। इतना ही नहीं, बाइडन ने सीधे तौर पर रूस को चेतावनी देते हुए कहा कि वे दिन बीत गए जब उनका देश रूस की आक्रामक कार्रवाई के सामने झुकता था। इसके साथ ही बाइडन ने रूस को चेतावनी दी कि उनका प्रशासन, मॉस्को को जवाब देने में संकोच नहीं करेगा। वे दिन बीत गए जब अमेरिका रूस के सामने झुकता था: बाइडन बाइडन ने विदेश मंत्रालय के कर्मचारियों से कहा कि मैंने अपने पूर्ववर्ती (ट्रंप) से अलग रुख अपनाते हुए राष्ट्रपति पुतिन को स्पष्ट रूप से बता दिया है कि वे दिन बीत गए जब अमेरिका रूस की आक्रामक कार्रवाई के सामने झुकता था। रूस ने हमारे चुनावों में हस्तक्षेप किया, साइबर हमले करवाए और हमारे नागरिकों को जहर दिया। 'हम रूस को जवाब देने में संकोच नहीं करेगें' रूस के राष्ट्रपति विश्व के उन नेताओं में से एक हैं जिनसे बाइडन ने फोन पर बात की है। बाइडन ने कहा कि हम अपने लोगों के हितों की रक्षा करने और रूस को जवाब देने में संकोच नहीं करेंगे। हम रूस के साथ मिलकर काम करने में अधिक प्रभावी सिद्ध होंगे, उसी प्रकार जैसे समान विचारधारा वाले अन्य देशों के साथ होता है। नवलनी को लेकर साधा पुतिन पर निशाना बाइडन ने कहा कि अलेक्सेई नवलनी को राजनीति से प्रेरित होकर जेल भेजा गया। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्वक प्रदर्शन को दबाने का रूस का प्रयास, अमेरिका तथा वैश्विक समुदाय के लिए चिंता का विषय है। राष्ट्रपति ने कहा कि नवलनी को सभी रूसी नागरिकों की तरह रूस के संविधान के तहत अधिकार प्राप्त हैं। उन्हें भ्रष्टाचार का खुलासा करने की सजा दी जा रही है। उन्हें बिना शर्त तुरंत छोड़ा जाना चाहिए। परमाणु हथियारों पर रोक की संधि को लेकर रूस-अमेरिका सहमत विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बृहस्पतिवार को अपने रूसी समकक्ष सर्जेई लावरोव से फोन पर बात की तथा ‘नई स्टार्ट संधि’ पर चर्चा की। इस दौरान दोनों नेताओं ने नई निरस्त्रीकरण नीतियों की जरूरत पर बात की जिसमें रूस के सभी नाभिकीय हथियारों और चीन की ओर से बढ़ते खतरे से निपटना शामिल है। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा कि पिछले प्रशासन के उलट बाइडन प्रशासन, रूस को उसकी गलत हरकतों के लिए जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम उठाएगा। रूस पर इतना गुस्सा क्यों हैं बाइडन दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की डेमोक्रेटिक पार्टी की पूरी राजनीति ही रूस के विरोध पर टिकी हुई है। यही कारण है कि 2016 के राष्ठ्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने रूस की मिलीभगत का जमकर आरोप लगाया था। अमेरिका अब भी रूस को ही अपना सबसे बड़ा वैश्विक विरोधी मानता है। जबकि ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान रूस से हटकर चीन की खिलाफत करने पर जोर दिया था। अब फिर से डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति रूस के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं।


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