Thursday, 25 February 2021

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करीब चार साल पहले जुलाई 2017 में हवाई के आसमान में लाल और नीले रंग की बिजली कड़कती हुई देखी गई थी। मॉना किया स्थित जेमिनाई ऑब्जर्वेटरी के जेमिनाई नॉर्थ टेलिस्कोप ने यह तस्वीर कैद की। अमेरिका की नैशनल ऑप्टिकल-इन्फ्रारेड ऐस्ट्रॉनमी रिसर्च लैबोरेटरी (NOIRLab) ने बुधवार को इस तस्वीर को 'इमेज ऑफ द वीक' के तौर पर रिलीज किया है। इन की तस्वीरें और स्पेस देखे गए नजारे, किसी कल्पना से कम नहीं लगते हैं। यहां जानते हैं कि आखिर ये दुर्लभ रेखाएं बनती कैसे हैं-

अमेरिका की नैशनल ऑप्टिकल-इन्फ्रारेड ऐस्ट्रॉनमी रिसर्च लैबोरेटरी (NOIRLab) ने बुधवार को Blue Jet-Red Sprite की तस्वीर को 'इमेज ऑफ द वीक' के तौर पर रिलीज किया है।


Red Sprites-Blue Jets: आसमान में कड़कती बिजली के अनोखे रंग कैमरे में कैद, कैसे पैदा होती हैं ये लाल-नीला रेखाएं?

करीब चार साल पहले जुलाई 2017 में हवाई के आसमान में लाल और नीले रंग की बिजली कड़कती हुई देखी गई थी। मॉना किया स्थित जेमिनाई ऑब्जर्वेटरी के जेमिनाई नॉर्थ टेलिस्कोप ने यह तस्वीर कैद की। अमेरिका की नैशनल ऑप्टिकल-इन्फ्रारेड ऐस्ट्रॉनमी रिसर्च लैबोरेटरी (NOIRLab) ने बुधवार को इस तस्वीर को 'इमेज ऑफ द वीक' के तौर पर रिलीज किया है। इन की तस्वीरें और स्पेस देखे गए नजारे, किसी कल्पना से कम नहीं लगते हैं। यहां जानते हैं कि आखिर ये दुर्लभ रेखाएं बनती कैसे हैं-



ऐसे ली गई तस्वीर
ऐसे ली गई तस्वीर

NOIRLab ने लिखा है कि तस्वीर देखकर ऐसा लगता है कि जैसे स्पेशल इफेक्ट हो। इस घटना को Red Spites, Blue Jets कहते हैं। इन्हें कैमरे पर कैद करना बेहद मुश्किल होता है। ये एक सेकंड के भी दसवें हिस्से तक ही फ्लैश होते हैं और इन्हें जमीन से देखना मुश्किल होता है क्योंकि ये आमतौर पर तूफानी बादलों के बीच होते हैं। लैब के पीटर मचॉड के मुताबिक ऑब्जर्वेटरी के पास टेलिस्कोप के कैमरा का इस्तेमाल खराब मौसम पर नजर रखने के लिए किया जाता है। कैमरा सिस्टम हर 30 सेकंड पर आसमान की तस्वीर लेता है।



क्यों अनोखी है यह घटना?
क्यों अनोखी है यह घटना?

आमतौर पर इलेक्ट्रिकली चार्ज्ड हवा, बादलों और जमीन के बीच बिजली पैदा होती है। वहीं, Sprites और Jets आसमान में अलग जगहों पर पैदा होते हैं और स्पेस की ओर बढ़ते हैं। उनके रंग अलग होते हैं, इसलिए वे अलग-अलग देखे और पहचाने जा सकते हैं। Red sprites बिजली के अल्ट्राफास्ट बर्स्ट होते हैं जो वायुंडल के ऊपरी क्षेत्र में 37-50 मील ऊपर होते हैं और फिर स्पेस की ओर बढ़ते हैं। कुछ Sprites जेलीफिश के शेप के होते हैं और दूसरे धागों के जैसे होते हैं। इन्हें Carrot Sprites कहते हैं। मैकडॉनल्ड ऑब्जर्वेटरी में स्पेशलिस्ट स्टीफन हमल ने पिछले साल जुलाई में टेक्सस में जेलीफिश Sprites की तस्वीर ली थी।



कैसे बनते हैं ब्लू जेट?
कैसे बनते हैं ब्लू जेट?

ब्लू जेट धरती के करीब बनते हैं। ये कोन के आकार के इलेक्ट्रिकल डिस्चार्ज होते हैं और Sprites से भी ज्यादा चमकीले होते हैं। ये बादलों से ऊपर की ओर ब्लास्ट होते हैं। ये तूफानी बादल धरती से 14 मील ऊपर तक हो सकते हैं, ब्लू जेट ऊपर की ओर बढ़ते हैं जब तक 30 मील तक न पहुंच जाए और फिर ये खत्म हो जाते हैं। ये जेट 22,300 मील प्रतिघंटा की रफ्तार तक पर जा सकते हैं। सबसे पहले 2015 में यूरोपियन स्पेस एजेंसी के ऐस्ट्रोनॉट ऐंड्रियास मॉर्गेनसन ने ब्लू जेट को वीडियो में कैद किया था। उन्होंने बंगाल की खाड़ी के ऊपर ये जेट देखे थे।





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