ब्रासीलिया अक्सर लोग जब झुंझला जाते हैं तो उन्हें अपना गुस्सा निकालने के लिए किसी चीज का सहारा लेना पड़ता है। कभी वे दूसरों पर चिल्लाते हैं या फिर घर के सामान को तोड़ते हैं। ऐसे लोगों के लिए अब बाकायदा एक कमरा खुल गया है। ब्राजील के लोगों के पास निराशा और तनाव से बाहर आने के लिए एक अनोखा कमरा मिल गया है। इस कमरे का नाम 'रेज रूम' है। लोग इस कमरे में अपना गुस्सा और रोष निकालने के लिए आ सकते हैं। साओ पाउलो के पास इस गोदाम में रखे पुराने टीवी, कंप्यूटर और प्रिंटर पर हथौड़े चलाकर लोग अपनी भड़ास निकाल सकते हैं। मशीनों को तोड़कर और शीशों को चकनाचूर कर वे अपना तनाव कम कर सकते हैं। आते हैं खूब ग्राहक इस हिंदी में कहें तो 'क्रोध निकालने के कमरे' को 42 साल के वांडरलेई रोड्रिग्स ने सिडाडे तिरादेंतेस इलाके में खोला है। उनका कहना है कि उनके पास उचित संख्या में ग्राहक आते हैं, खासकर महामारी के दौरान अपना गुस्सा निकालने के लिए ग्राहक यहां आ रहे हैं। उन्हें लगता है कि इसे इस इलाके में खोलने के लिए यह सबसे अच्छा मौका था क्योंकि लोग बहुत तनाव और चिंता से गुजर रहे हैं। डीडब्ल्यू की रिपोर्ट के मुताबिक इस में अगर कोई अपना गुस्सा निकालना चाहता है तो उसे करीब साढ़े चार डॉलर खर्च करने होंगे। कमरे में जाने के पहले व्यक्ति को सुरक्षात्मक सूट और हेलमेट पहनने पड़ते हैं। वे उन मुद्दों को दीवारों पर लिखते हैं जो उन्हें परेशान कर रहे हैं। उदाहरण के लिए 'पूर्व प्रेमिका', 'पूर्व पति', 'भ्रष्टाचार' और 'काम', ये शब्द उनके गुस्से का निशाना बनते हैं। अच्छा लगता है भावनाएं बाहर निकालना यहां गुस्सा निकालने वाले एक 40 वर्शीय शख्स ने कहा कि वह काम के लिए हर दिन घर से दो घंटे की ड्राइव करते हैं। ऐसे में वह महामारी के कारण वे स्वास्थ्य को लेकर चिंतित भी रहते हैं। यहां आकर अपना गुस्सा और कैद की हुई भावनाओं को बाहर निकाल देना अच्छा लगता है। वहीं दो बेटियों की मां और बेरोजगार महिला ने कहा कि वह अपनी निराशा यहां निकालना पसंद करती हैं। तनाव से भरा होना और मां होते हुए काम नहीं कर पाना, इसकी वजह से गुस्सा जाहिर करती हैं। बेटियों या अन्य किसी व्यक्ति पर गुस्सा नहीं निकाल सकती इसलिए यहां चीजें तोड़ती हैं।
from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3pXEyvF
via IFTTT
No comments:
Post a Comment