मांडले म्यांमार के मांडले में पुलिस ने सैन्य तख्तापलट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर फायरिंग की है। इस हादसे में दो लोगों के मारे जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि दर्जनों लोग इस गोलीकांड में घायल भी हुए हैं। यह गोलीबारी तब हुई जब एक अधिकारी स्थानीय शिपयार्ड में श्रमिकों को उनकी नौकरी पर जबरदस्ती लाने की कोशिश कर रहा था। इन लोगों ने देश के तख्तापलट के खिलाफ अपनी नौकरी छोड़कर प्रदर्शनों में शामिल थे। इस कारण पुलिस ने की गोलीबारी रिपोर्ट के अनुसार, 1000 से ज्यादा प्रदर्शनकारी पुलिस को रोकने के लिए शिपयार्ड के बाहर जमा हुए थे। शनिवार दोपहर तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच माहौल तनावपूर्ण बना रहा। जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और वाटर कैनन का सहारा लिया। जिसके बाद हिंसक हुए प्रदर्शनकारियों को संभालने के लिए रबर की गोलियों के साथ पुलिस को असली गोलियां भी चलानी पड़ी। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, इस कार्रवाई में कम से कम 40 लोग घायल हुए हैं। फ्रंटियर म्यांमार की रिपोर्ट के मुताबिक, एक प्रदर्शनकारी के सिर में गोली लगी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई जबकि एक व्यक्ति के सीने में गोली लगी और अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। पुलिस द्वारा गोली चलाने की घटना यदानाबोन बंदरगाह के पास हुई, जहां दिन में भी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर रबर की गोलियां चलाईं, आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछार की थी। प्रदर्शनकारियों ने मृतक महिला को दी श्रद्धांजलि तख्तापलट का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने एक रैली के दौरान पुलिस की गोली से मारी गई एक महिला को शनिवार को श्रद्धांजलि दी। यांगून में लगभग एक हजार प्रदर्शनकारी जुटे और एक सड़क पर अस्थायी स्मारक बनाकर म्या थ्वेट खाइन की तस्वीर के पास एक पुष्प चक्र रखा। खाइन नेपीता में नौ फरवरी को सैन्य शासन के खिलाफ हुई रैली के दौरान पुलिस द्वारा चलाई गई गोली से घायल हो गई थीं। इस घटना के दो दिन बाद उनका जन्मदिन था। उनके परिजनों ने शुक्रवार को उनकी मौत हो जाने की जानकारी दी। तानाशाही के खिलाफ हुई नारेबाजी प्रदर्शनकारियों ने आज अस्थायी स्मारक पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ‘म्यांमार में तानाशाही खत्म करो’ और ‘म्या थ्वेट खाइन आप हमेशा याद रहेंगी’ जैसे नारे लगाए। यांगून के अतिरिक्त मंडलय शहर में भी प्रदर्शनकारियों ने खाइन को श्रद्धांजलि दी। म्यांमा में सेना ने लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को गत एक फरवरी को हटा दिया था और सत्ता खुद कब्जा ली थी। इसके साथ ही उसने आंग सान सूची सहित अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया था।
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