यांगून में सैन्य तख्तापलट के खिलाफ पिछले हफ्ते प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलीबारी से घायल युवती की शुक्रवार को मौत हो गई। घटना के बाद न सिर्फ प्रदर्शनकारी गुस्से में हैं बल्कि दुनियाभर में देश के सैन्य शासन से ताकत का इस्तेमाल छोड़ने की अपील की जा रही है। 1 फरवरी को म्यांमार की सेना तत्पीडॉ ने संसद पर कब्जा करते हुए नेताओं को हिरासत में ले लिया था। इसके खिलाफ देश में लगातार हिंसक प्रदर्शन चल रहे हैं। पीछे से मारी गई गोली राजधानी नेपीतॉ में नौ फरवरी को प्रदर्शन के दौरान म्या थ्वेत थ्वेत खिने को सिर में गोली लगी थी। उसे अस्पताल में जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था। तब डॉक्टरों ने कहा था कि उसके बचने की उम्मीद बहुत कम है। विरोध प्रदर्शन से जुड़े वीडियो के अनुसार पानी की बौछारों से बचने के दौरान गोली लगने से मोटरसाइकिल पर सवार वह जमीन पर गिर गई थी। घटना की हो जांच म्या की मौत के बाद ह्यूमन राइट्स वॉच ने प्रदर्शनों में हथियारों के इस्तेमाल की जांच की मांग की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से म्यांमार की हिंसा की कड़ी निंदा करने की अपील की गई है। वहीं, अमेरिका ने सेना से हिंसा का इस्तेमाल नहीं करने को कहा है। म्यांमार में सेना ने एक फरवरी को तख्तापलट करते हुए आंग सान सू ची समेत कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया था। तख्तापलट के खिलाफ कई शहरों में लोग विभिन्न प्रतिबंधों के बावजूद प्रदर्शन करने निकले।
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