फ्लोरिडा कोरोना वायरस वैक्सीन दिए जाने के लिए उम्रदराज लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसलिए अमेरिका की दो महिलाओं ने फिल्मी तरीका निकाला। बॉनेट, दस्ताने और चश्मा लगाकर 34 और 44 साल की ये महिलाएं बन गईं दादी और पहुंच गईं वैक्सीन लगवाने। उन्होंने इतनी सटीकता से रूप बदला था कि न सिर्फ वैक्सीन कार्ड बनवाने में सफल रहीं बल्कि पहली खुराक लगवा भी ली। हालांकि, दूसरी खुराक लगवाने से पहले उनका भंडाफोड़ हो गया और अब दोनों पुलिस की हिरासत में हैं। 'पता नहीं कैसे नहीं पहचानी गईं' फ्लोरिडा की इन दो महिलाओं का कारनामा सामने आने के बाद ऑरेंज काउंटी के हेल्थ ऑफिसर डॉ. रॉल पीनो ने हैरानी जताई है कि पता नहीं कैसे वे पहले पहचानी नहीं गईं। उनकी असली उम्र आने से पहले लोगों ने समझा कि दोनों 20-30 साल की होंगी। बाद में उनकी असली उम्र पता चली तो उन्हें सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है और दूसरा ऐक्शन नहीं लिया गया है। खराब मौसम ने बिगाड़े हालात फ्लोरिडा में वैक्सीन को लेकर बहुत चिंताएं और आशंकाएं हैं जिस कारण डिमांड तेज होती जा रही है। दरअसल, बेहद खराब होते जा रहे मौसम के कारण वैक्सीन के शिपमेंट पहुंचने में देरी हो रही है और लोगों का इंतजार लंबा होता जा रहा है। अब तक यहां 65 साल उम्र से ज्यादा के 44 लाख लोगों में से 42% को वैक्सिनेट कर दिया गया है। इनके अलावा स्वाथ्यकर्मियों और ऐसे लोगों, जो किसी और गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं, उन्हें भी खुराकें दी जा सकती हैं। आम लोगों को भी वैक्सीन दी जा सकती है।
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