पेइचिंग में भारत की बढ़ती ताकत से चीन के होश उड़े हुए हैं। श्रीलंका और मालदीव को कर्ज के बोझ तले कुचलने वाला ड्रैगन अब भारत के दोस्त देश मेडागास्कर को उकसा रहा है। दरअसल, एरो इंडिया 2021 के दौरान भारत ने पहली बार हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) के रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन की मेजबानी की। इस दौरान हिंद महासागर में शांति, सुरक्षा और सहयोग को बढ़ाने पर सभी सहयोगी देशों के बीच चर्चा भी हुई। अब चीन को यह बात खटक रही है कि कहीं भारत की पकड़ इस क्षेत्र में और मजबूत न हो जाए। हिंद महासागर को लेकर भारत पर झूठा आरोप लगा रहा चीन चीन का सरकारी मुखपत्र ने अपने संपादकीय में भारत पर निशाना साधते हुए कहा कि नई दिल्ली हिंद महासागर में चीन की उपस्थिति देखना नहीं चाहता है। भारत को डर है कि चीन की बढ़ती सैन्य शक्ति हिंद महासागर क्षेत्र में उसकी प्रमुख भूमिका को खतरे में डाल देगी। ग्लोबल टाइम्स ने आगे लिखा कि यह निर्रथक है कि चीन के सामान्य कार्यों को भारत हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में देख रहा है। मेडागास्कर में भारत की उपस्थिति से चीन को डर हमारे सहयोगी संस्थान टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर का हवाला देते हुए ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि नई दिल्ली पश्चिमी हिंद महासागर में बीजिंग के कथित प्रभाव का मुकाबला करने के लिए मेडागास्कर और कोमोरोस के साथ अपनी सुरक्षा और रक्षा सहयोग को बढ़ा रहा है है। हालाँकि, इस क्षेत्र के देशों को नई दिल्ली के प्रयासों में दिलचस्पी नहीं हो सकती है जो उन्हें भारत के पक्ष में खींच सके। हिंद महासागर के देशों को भारत के खिलाफ उकसा रहा चीनी मीडिया ने मेडागास्कर और कोमोरोस को उकसाते हुए लिखा कि यह दोनों देश संप्रभु राष्ट्र हैं। उन्हें अपनी विदेश नीतियों को स्वयं बनाने और अपने अंतर्राष्ट्रीय मामलों को स्वयं करने का अधिकार है। वे आंख मूंदकर खुद को भारत के साथ नहीं आएंगे। इसके अलावा इन देशों ने हमेशा चीन के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखे हैं। क्योंकि, चीन हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी उचित भूमिका निभाने के लिए सक्रिय रूप से उनका समर्थन करता है। जंगी जहाजों की तैनाती पर चीन की सफाई ग्लोबल टाइम्स के जरिए चीन ने अदन की खाड़ी में अपने जंगी जहाजों और पनडुब्बियों की तैनाती को लेकर भी बचाव किया। चीनी मीडिया ने तल्ख लहजे का इस्तेमाल करते हुए लिखा कि भारत को याद रखना चाहिए कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के रूप में चीन के पास विश्व शांति और सुरक्षा बनाए रखने की जिम्मेदारी है। यदि संयुक्त राष्ट्र द्वारा अधिकृत और पुष्टि नहीं की गई होती तो चीन अदन की खाड़ी में एस्कॉर्ट मिशन कैसे चला सकता था? भारत पर बहाना बनाने का लगाया आरोप इतना ही नहीं, चीनी मीडिया ने तो दो कदम आगे बढ़ते हुए भारत पर आरोप लगाया कि हिंद महासागर पर हावी होने की महत्वाकांक्षा की असफलता के कारण भारत ऐसी प्रतिक्रिया दे रहा है। हिंद महासागर पर विशेष नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश अधिक अस्थिर और महंगा होता जा रहा है। इसलिए भारत बहाने के रूप में एक बाहरी कारक को खोज रहा है।
from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3oSTTwM
via IFTTT
No comments:
Post a Comment