जेनेवा अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों और चीन के वैज्ञानिकों की एक टीम की उत्पत्ति पर अपने संयुक्त अनुसंधान कार्य की रिपोर्ट प्रकाशित करने वाली है जिसमें चार सिद्धांत और एक संभावित निष्कर्ष शामिल है। वर्ष 2019 में कोरोना वायरस सबसे पहले चीन में ही सामने आया था जिससे आज तक पूरी दुनिया परेशान है। इसकी वजह से विश्व में 27 लाख से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं और देशों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है। इस घातक विषाणु की उत्पत्ति से संबंधित रिपोर्ट को महीनों के मंथन के बाद प्रकाशित किया जा रहा है। तत्काल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि रिपोर्ट कब जारी की जाएगी। इसका प्रकाशन इस महीने के शुरू में होना था, लेकिन इसमें विलंब हो गया। विशेषज्ञों का कहना है कि रिपोर्ट से कुछ ठोस उत्तर मिल सकते हैं तथा अन्य कई सवाल उठ सकते हैं। रिपोर्ट में दस अंतरराष्ट्रीय महामारी विशेषज्ञों, डेटा वैज्ञानिकों, पशु चिकित्सा विशेषज्ञों, प्रयोगशाला और खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का मत शामिल होगा जिन्होंने कोरोना वायरस का प्रारंभिक केंद्र रहे चीन के वुहान शहर का इस साल के शुरू में दौरा किया था। जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी की वैश्विक स्वास्थ्य नीति के निदेशक मैथ्यू कवनाघ ने कहा कि वायरस की उत्पत्ति की जांच की दिशा में यह रिपोर्ट पहला कदम साबित होगी।
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