मॉस्को रूसी राष्ट्रपति के घोर विरोधी को अचानक जेल से निकालकर अस्पताल में भर्ती करवाया जा रहा है। न्यूज एजेंसी स्पूतनिक ने बताया कि रूसी फेडरल पेनिटेंटरी सर्विस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाने का ऐलान किया था। दो दिन पहले ही नवलनी के डॉक्टर ने दावा किया था कि उनका स्वास्थ्य तेजी से गिर रहा है और शायद वे मौत के कगार तक पहुंच गए हैं। जेल अस्पताल में किया जाएगा भर्ती रूसी सरकारी जेल सेवा एफएसआईएन ने एक बयान में कहा कि नवलनी को मास्को से करीब 180 किलोमीटर दूर पूर्व में व्लादिमीर की दंडसंबंधी कॉलोनी में दोषियों के लिये बनाए गए एक अस्पताल में ले जाया गया है। नवलनी को पैसे के हेरफेर के मामले में रूसी कोर्ट ने जेल की सजा सुनाई है। सरकारी जेल सेवा ने बताया है कि नवलनी का स्वास्थ्य स्थिर है और उनकी जान को कोई खतरा नहीं है। भूख हड़ताल से और खराब हुई तबीयत बयान के अनुसार नवलनी की दशा संतोषजनक लगती है और वह विटामिन की दवाइयां लेने पर राजी हो गये हैं। शनिवार को नवलनी के डॉक्टर यरोस्लाव अशिखमिन ने कहा था कि उनके परिवार ने जो स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट दिखायी है, उससे लगता है कि उनकी हृदयगति रुक सकती है। दरअसल नवलनी को पीठ दर्द और पैरों के सुन्न हो जाने का अहसास हुआ और उनसे उनके डॉक्टरों को मिलने नहीं दिया गया, तब उन्होंने भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। 20 अगस्त को नवेलनी को दिया गया था जहर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के मुखर विरोधियों में से एक नवेलनी को रूस में 20 अगस्त को एक घरेलू उड़ान के दौरान बीमार हो गए थे। बीमार नवलेनी को विमान से आपाकतालीन परिस्थितियों में उतारने और ओम्सक में साइबेरियन अस्पताल में इलाज कराने के दो दिन बाद नवलनी को 22 अगस्त को निजी एयर एंबुलेंस के जरिये बर्लिन लाया गया था। जिसके बाद रासायनिक हथियार निरस्त्रीकरण संगठन द्वारा की गई जांच में पता चला कि नवलनी को सोवियत-काल के नर्व एजेंट नोविचोक जहर दिया गया था। 50 साल पुराना है नोविचोक जहर नोविचोक सोवियत संघ के जमाने का नर्व एजेंट है। कहा जाता है कि रूसी खुफिया एजेंसी अपने बड़े शिकार को आसानी से मारने के लिए इसका इस्तेमाल करती है। इसको 1960 से 1970 के दशक में बनाया गया था। इस जहर को रूस की चौथी पीढ़ी के रसायनिक जहर को विकसित करने के कार्यक्रम फोलेन्ट के जरिए बनाया गया था। 1990 के पहले दुनिया को इस नर्व एजेंट के बारे में मालूम ही नहीं था। रूसी वैज्ञानिक डॉ विल मिर्जानोव ने अपनी किताब स्टेट सीक्रेट्स में इस जहर के बारे में बताया था।
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