प्योंगयांग के तानाशाह शासक ने सेना को किसी भी समय परमाणु मिसाइलों को लॉन्च करने के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है। एनके न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यह आदेश उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल-सुंग के जन्मदिन के अवसर पर जारी किया गया है। इस दिन उत्तर कोरिया में सार्वजनिक अवकाश रहता है और लोग सन फेस्टिवल मनाते हैं। बैलिस्टिक मिसाइल का टेस्ट कर सकते हैं किम जोंग रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उत्तर कोरिया पनडुब्बी से फायर की जाने वाली कम दूरी की सबमरीन लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM) का टेस्ट कर सकता है। ऐसा दावा किया जाता है कि उत्तर कोरिया की नौसेना में 64 से 86 पनडुब्बिया मौजूद हैं। इसमें से 40 के आसपास सैंग ओ क्लास कोस्टल सबमरीन, 20 रोमियो क्लास कनवेंसनल सबमरीन, 20 यूगो और यूनो क्लास सबमरीन और एक डीजल इलेक्ट्रिक बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन है। थिंक टैंक्स ने दुनिया को दी चेतावनी आसन इंस्टीट्यूट फॉर पॉलिसी स्टडीज और रैंड कॉर्प ने चेतावनी दी कि उत्तर कोरिया के परमाणु युद्ध के प्रयासों के खिलाफ सहयोगी देशों को मजबूती से खड़े होने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा उत्तर कोरिया की सनक लाखों लोगों की मौत का कारण बन सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि किम जोंग उन अपने प्रायद्वीप में प्रभुत्व को कायम रखने के लिए एक शक्तिशाली परमाणु हथियार विकसित करने की ताक में हैं। हथियार बनाने के लिए बनाया विश्वविद्यालय इस महीने की शुरुआत में ही उत्तर कोरियाई तानाशाह ने और हथियार बनाने के लिए समर्पित एक विश्वविद्यालय की स्थापना की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक कॉलेज को किम जोंग उन नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी नाम दिया गया है। यहां हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक विकसित करने पर काम किया जाएगा। हाइपरसोनिक मिसाइल ध्वनि की पांच गुना गति से यात्रा करने में सक्षम हैं। इन्हें वर्तमान मिसाइल रक्षा प्रणालियों के जरिए रोकना लगभग असंभव है। एक महीने पहले ही उत्तर कोरिया ने किया था टेस्ट एक महीने पहले ही उत्तर कोरिया ने परमाणु हमला करने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल और क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया था। दोनों मिसाइलों के फायर करने की पुष्टि अमेरिकी अधिकारियों और जापानी तटरक्षक ने की थी। इस परीक्षण के तत्काल बाद दक्षिण कोरिया में आयोजित राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक में चिंता जताई गई थी। अमेरिका से बातचीत फेल होने के बाद किया था परीक्षण अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता में गतिरोध पैदा होने के बीच उत्तर कोरिया ने ये परीक्षण किए ते। उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन की अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ फरवरी 2019 में दूसरी शिखर वार्ता नाकाम होने के बाद गतिरोध पैदा हुआ। उस वार्ता में अमेरिका ने उत्तर कोरिया की उस मांग को खारिज कर दिया था जिसमें उसने अपने परमाणु कार्यक्रम को आंशिक रूप से बंद करने के बदले में उस पर लगाए प्रमुख प्रतिबंधों को हटाने के लिए कहा था।
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