इस्लामाबाद पाकिस्तान में फ्रांसीसी राजदूत के निष्कासन को लेकर बुलाए गए संसद के विशेष सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर विवाद हुआ। मामला यहां तक बढ़ गया कि शांत स्वभाव के माने जाने वाले पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री ने स्पीकल असद कैसर को जूतों से मारने की धमकी दे दी। जिसके बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने भी जोरदार हंगामा किया। विवाद थमता न देखकर स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया। इस्लाम का रहनुमा बनने की कोशिश में सभी पार्टियां दरअसल पूरा मामला पाकिस्तानी राजनीतिक दलों में इस्लाम के सबसे बड़े रहनुमा बनने की कोशिश करने के दौरान हुआ। पाकिस्तान की सत्तारूढ़ तहरीक-ए-इंसाफ के सांसद अमजद अली खान ने संसद में फ्रांसीसी राजदूत को निष्कासित करने के लिए प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने इस मामले पर चर्चा करने के लिए एक विशेष संसदीय समिति के गठन का भी अनुरोध किया। जिसके बाद पीटीआई के ही संसदीय मामलों के मंत्री अली मुहम्मद खान ने समिति के गठन के लिए एक दूसरा प्रस्ताव पेश किया। विपक्ष की मांग को अनसुना कर रहे थे स्पीकर समिति बनाने के प्रस्ताव का नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन के नेताओं ने जोरदार विरोध किया। लेकिन, स्पीकर असद कैसर ने विपक्ष के विरोध को अनसुना करते हुए समिति बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। जिसके बाद पीएमएल-एन के दिग्गज नेता और पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने अनुरोध किया कि विपक्ष को एक घंटे का समय दिया जाए ताकि वे प्रस्ताव की समीक्षा कर सकें। अब्बासी ने दी जूतों से मारने की धमकी अब्बासी के इस मांग को स्पीकर ने सिरे से खारिज कर दिया। जिसके बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री आग-बबूला हो गए। उन्होंने संसद की वेल में पहुंचकर तेज आवाज में विरोध करना शुरू कर दिया। जब स्पीकर ने उन्हें पास बुलाया तो अब्बासी बिगड़ गए। उन्होंने स्पीकर से कहा कि आपको शर्म नहीं आती? जूते उतारकर मारूंगा। जिसके बाद स्पीकर ने कहा कि आप अपने हद में रहें।
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