नासा के Perseverance रोवर ने मंगल ग्रह पर काम शुरू कर दिया है और वहां पहले से मौजूद Curiosity रोवर लगातार जानकारी भेज रहा है। हालांकि, लाल ग्रह पर कम से कम 3 साल कई खोजें करने वाला InSight रोवर अब जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। साल 2018 में Elysium Planitia नाम की जगह पर लैंड हुए InSight रोवर ने 500 भूकंपों को डिटेक्ट किया, 10 हजार से ज्यादा धूल के तूफान देखे और लाल ग्रह की कोर को भी नापना शुरू कर दिया लेकिन पिछले कुछ महानों में मंगल के मौसम ने इसका बुरा हाल कर दिया है।InSight अभी अच्छी हालत में है। यह अपनी रोबॉटिक आर्म का इस्तेमाल कर रहा है लेकिन कभी भी इसकी ऊर्जा पूरी तरह खत्म होने का खतरा बना हुआ है। अगर इसकी बैट्री खत्म हो गई तो शायद यह कभी रिकवर न कर सके।

नासा के Perseverance रोवर ने मंगल ग्रह पर काम शुरू कर दिया है और वहां पहले से मौजूद Curiosity रोवर लगातार जानकारी भेज रहा है। हालांकि, लाल ग्रह पर कम से कम 3 साल कई खोजें करने वाला InSight रोवर अब जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। साल 2018 में Elysium Planitia नाम की जगह पर लैंड हुए InSight रोवर ने 500 भूकंपों को डिटेक्ट किया, 10 हजार से ज्यादा धूल के तूफान देखे और लाल ग्रह की कोर को भी नापना शुरू कर दिया लेकिन पिछले कुछ महानों में मंगल के मौसम ने इसका बुरा हाल कर दिया है।
जम गई है धूल

दरअसल, जहां InSight लैंड हुआ है वहां ऐसी हवाएं नहीं चलतीं जो इसके रोबॉट के सोलर पैनल में लगी धूल को हटा सकें। इसकी वजह से इस तक सूरज की रोशनी नहीं पहुंच पा रही है। इस साल फरवरी में InSight के सोलर पैनल अपनी क्षमता की 27% ऊर्जा ही पैदा कर रहे थे जब यहां सर्दियां आने वाली थीं। तब NASA ने इसके इंस्ट्रुमेंट बंद करने का फैसला किया। जल्द ही रोबॉट हाइबरनेशन मोड पर चला जाएगा जिससे वे सभी फंक्शन बंद हो जाएंगे जिनकी जरूरत इसे जिंदा रखने के लिए नहीं है।
सर्दीली रातें झेल पाएगा?

साइंटिफिक ऑपरेशन्स रुकने से लैंडर इतनी ऊर्जा बचा पाएगा जिससे वह खुद को मंगल की सर्दीली रातों में गर्म रख सके। रात के वक्त यहां तापमान -130 डिग्री फाहरेनहाइट (-90 डिग्री सेल्सियस) से भी कम हो सकता है। InSight के प्रॉजेक्ट मैनेजर चक स्कॉट का कहना है कि मौसम पर निर्भर करेगा कि अगरे कुछ महीने में कितनी ऊर्जा बचेगी। InSight अभी अच्छी हालत में है। यह अपनी रोबॉटिक आर्म का इस्तेमाल कर रहा है लेकिन कभी भी इसकी ऊर्जा पूरी तरह खत्म होने का खतरा बना हुआ है। अगर इसकी बैट्री खत्म हो गई तो शायद यह कभी रिकवर न कर सके।
अब कब जगेगा?

एजेंसी जुलाई में इसके ऑपरेशन फिर से शुरू करने का प्लान बना रही है जब मंगल सूरज की तरफ चलेगा। अगर तब तक रोवर चल गया, तो अगले साल भी यह भूकंप और मौसम की जानकारी देता रहेगा। इसकी मदद से मंगल के क्रस्ट का तापमान नापा जाना था। यह इसके इतिहास और आंतरिक संरचना के बारे में अहम डेटा इकट्ठा करता। यूं तो InSight बंद होकर फिर चल सकता है, जिसके लिए इसे Zombie Spacecraft तक कहा गया है, लेकिन सर्दी के मौसम में इसके उपकरण को नुकसान का खतरा है। अभी तक उम्मीद की जा रही है कि ऐसी नौबत नहीं आएगी और यह कुछ वक्त बंद रहकर अपना काम जारी रख सकेगा।
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