वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति बनने से पहले से ही ईरान को लेकर अपने नरम रूख दिखाते रहे हैं। अब उन्होंने अमेरिकी सेना को आदेश दिया है कि वे ईरान के नजदीक फारस की खाड़ी में तैनात पैट्रियॉट एंटी मिसाइल सिस्टम को हटाना शुरू कर दें। इतना ही नहीं उन्होंने इस इलाके में मौजूद सैन्य ताकत को भी कम करने का आदेश दिया है। जिसके अंतर्गत ईरान के खिलाफ तैनात अमेरिकी सेना को कहीं और ट्रांसफर किया जाएगा। खाड़ी देशों से हथियारों को हटा रहा अमेरिका द वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, इस आदेश के बाद पेंटागन ने तीन पैट्रियट सिस्टम को इलाके से बाहर भेज दिया है। इसमें से एक को के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर तैनात किया गया था। इसके अलावा खाड़ी देशों में तैनात एक एयरक्राफ्ट कैरियर, सर्विलांस सिस्टम और बड़ी संख्या में सैनिकों को हथियारों के साथ दूसरी जगहों पर भेजा गया है। चीन-रूस के खिलाफ तैनाती की योजना रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि यहां से हटाए गए मिसाइलों, हथियारों और सैनिकों को चीन और रूस के खिलाफ मोर्चाबंदी को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इन दो देशों को पेंटागन अपने प्राथमिक वैश्विक प्रतियोगियों के रूप में देखता है। दोनों ही देश इस समय साथ मिलकर अमेरिका के खिलाफ गुटबंदी भी कर रहे हैं। इसी को लेकर हाल में ही रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पेइचिंग की यात्रा भी की थी। थॉड को भी हटाएगा अमेरिका अब अमेरिकी सैन्य अधिकारी टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) एंटी मिसाइल सिस्टम, सर्विलांस ड्रोन और दूसरे सैन्य हथियारों को इस इलाके से हटाने पर विचार कर रहे हैं। अमेरिका का कहना है कि अब सऊदी अरब अपनी रक्षा की जिम्मेदारियों को खुद ज्यादा निभाए। पेंटागन ने इसके लिए एक टाइगर टीम का भी गठन किया है जो सऊदी अरब को उसके सुविधाओं और तेल प्रतिष्ठानों की रक्षा करने में मदद करेगा। कितनी खतरनाक है अमेरिका की पैट्रियॉट मिसाइल अमेरिका की पैट्रियॉट एडवांस्ड कैपेबिलिटी - 3 (PAC-3) मिसाइस दुनिया की सबसे बेहतरीन डिफेंस सिस्टम में से एक है। यह मिसाइल डिफेंस सिस्टम दुश्मन की बैलेस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और लड़ाकू जहाजों को पल भर में मार गिराने में सक्षम है। सभी मौसम में दागे जाने वाली इस मिसाइल का निर्माण लॉकहीड मॉर्टिन ने किया है। वर्तमान में इन देशों में तैनात है यह मिसाइल पैट्रियॉट एडवांस्ड कैपेबिलिटी - 3 मिसाइल इस समय पूरे अमेरिका, जर्मनी, ग्रीस, इजरायल, जापान, कुवैत, नीदरलैंड, सऊदी अरब, कोरिया, पोलैंड, स्वीडन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, रोमानिया, स्पेन और ताइवान की सेना में शामिल है। 2003 के इराक युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना ने पैट्रियॉट मिसाइल सिस्टम को तैनात किया। कुवैत में तैनात इस मिसाइल डिफेंस सिट्म ने दुश्मनों की कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया था। ईरान पर नरम है बाइडन के तेवर जो बाइडन शुरू से ही ईरान को लेकर नरम रूख के लिए जाने जाते हैं। यही कारण है कि अब उम्मीद जताई जा रही है कि ईरान फिर से अमेरिका के साथ परमाणु समझौते में लौट सकता है। अमेरिका और ईरान ने कहा है कि वे दुनिया की अन्य प्रमुख शक्तियों के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत शुरू करेंगे ताकि ईरानी परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने से संबंधित समझौते पर दोनों देश वापस आ सकें। करीब तीन साल पहले तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ परमाणु करार से अमेरिका को अलग कर लिया था।
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