Thursday, 1 April 2021

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वॉशिंगटन अमेरिका के राज्य में योग पर लगा बैन आगे भी जारी रहेगा। इस प्रतिबंध को हटाने के लिए अलबामा की सीनेट में एक विधेयक को पेश किया गया था। जिसे रूढिवादी समूहों के दबाव के बाद रोक दिया गया गया है। दरअसल, इस राज्य में ईसाई धर्म के कट्टर अनुयायियों को डर है कि योग के कारण बड़ी संख्या में लोग हिंदू धर्म में धर्मांतरण कर सकते हैं। 1993 में स्कूलों में योग पर लगा था प्रतिबंध इन्हीं धार्मिक रूढ़िवादी समूहों के दबाव के कारण साल 1993 में अलबामा शिक्षा बोर्ड ने राज्य के सरकारी स्कूलों में योग के साथ ही सम्मोहन और ध्यान विधा को प्रतिबंधित करने के पक्ष में मतदान किया था। जिसके बाद पूरे राज्य में स्कूलों में लगा दिया गया था। इसी प्रतिबंध को हटाने के लिए अलबामा राज्य की सीनेट में विधेयक पेश किया गया था। पिछले साल अलबामा की प्रतिनिधि सभा ने पारित किया था योग विधेयक पिछले साल मार्च में, अलबामा प्रतिनिधि सभा ने ‘योग विधेयक’ को 17 के मुकाबले 84 मतों से पारित किया था। इस विधेयक को मंजूरी के लिए फिर राज्य की सीनेट में लाया गया जिससे इसके कानून बनने और स्कूलों में 28 वर्ष के प्रतिबंध को समाप्त करने का रास्ता साफ हुआ था। हालांकि, टस्कलूसान्यूज डॉट कॉम की खबर के मुताबिक सीनेट न्यायिक समिति ने अलबामा के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रॉय मूरे के फाउंडेशन फॉर मॉरल लॉ के प्रतिनिधियों समेत अन्य ईसाई रूढ़िवादियों की गवाही के बाद इस विधेयक को रोक दिया जिसमें दावा किया गया कि हिंदू धर्म के अनुयायियों द्वारा सरकारी स्कूलों में इससे धर्मांतरण बढ़ेगा। योग से ईसाइयों को हिंदू धर्म में धर्मांतरण का दिया हवाला विधेयक का विरोध करते हुए, रूढ़िवादी कार्यकर्ता बेक्की गेरिटसन ने कहा कि योग हिंदू धर्म का बड़ा हिस्सा है। खबर में कहा गया कि इसाई समूह विधेयक का यह कहकर विरोध कर रहे हैं कि इससे स्कूलों में हिंदू धर्म व्यवहार में आ जाएगा। वहीं, विधेयक को पेश करने वाले डेमोक्रेटिक पार्टी के विधायक जेरेमी ग्रे ने इस धारणा का खंडन किया कि हिंदू धर्म के अनुयायी इससे धर्मांतरण करने लगेंगे। अलबामा के ही विधायक ने दिया करारा जवाब उन्होंने कहा कि मैं तकरीबन 10 साल से योग कर रहा हूं। मैंने पांच साल तक कक्षाओं में योग सिखाया है और मैं आपको बताता हूं कि मैं अब भी हर रविवार बैप्टिस्ट चर्च जाता हूं। इस विधेयक का लक्ष्य अलबामा के सरकारी स्कूलों में योग को एक ऐच्छिक विषय के तौर पर चुनने का विकल्प देना था। अलबामा राज्य शिक्षा बोर्ड ने 1993 में सरकारी स्कूलों में योग को दक्षिणपंथी संगठनों के उन आरोपों के बीच प्रतिबंधित कर दिया था जिनमें कहा गया था कि स्कूलों में सम्मोहन एवं ध्यान लगाने की तकनीकों को प्रयोग किया जा रहा है। इस बीच, खबर है कि सीनेट न्यायिक समिति के अध्यक्ष टॉम व्हाटले फिर से मतदान पर विचार करने और विधेयक को फिर से पेश करने पर तत्काल सहमत हो गए हैं जिसका मतलब है कि इस विधेयक पर फिर से मतदान हो सकता है।


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