वॉशिंगटन धरती से करीब 70 करोड़ प्रकाशवर्ष दूर एक ने एक सितारे को निगल लिया। यूं तो सितारे आमतौर पर विस्फोट से मर जाते हैं लेकिन इस सितारे के साथ कुछ और भी भयानक हुआ। ब्लैक होल में कुछ दाखिल होता है तो उसे स्पगेटीफिकेशन (Spaghettification) नाम की प्रक्रिया से गुजरना होता है। यही इस सितारे के साथ हुआ और इस दौरान एक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिग्नल निकला। इस ब्लैक होल का द्रव्यमान हमारे सूरज से 50 लाख गुना ज्यादा है। साइंस अलर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक जब कोई सितारा ब्लैक होल के ज्यादा करीब चला जाता है, तो उसके गुरुत्वाकर्षण के कारण tidal disruption event से गुजरता है और पूरी तरह नष्ट हो जाता है। इसका मलबा स्पगेटीफाई होता है। ब्लैक होल में दाखिल होने पर मैटर एक लंबे पतले फिलामेंट में खिंच जाता है और ब्लैक होल में समा जाता है। इस दौरान ब्लैक होल के इर्द गिर्द accretion डिस्क में गुरुत्वाकर्षण और घर्षण के असर से रोशनी पैदा होती है। जैसे-जैसे मैटर खत्म होता है, यह रोशनी धीमी होती जाती है। ऐसा अप्रैल 2019 में डिटेक्ट किया गया था। Zwicky Transient Facility ने AT2019dsg को डिटेक्ट किया जो काफी चमकीला था। इसमें एक्स-रे, अल्ट्रावॉइलट, ऑप्टिकल और रेडियो वेवलेंथ देखी गईं। ब्लैक होल के पास accretion डिस्क का हिस्सा सबसे गर्म होता है और इसलिए यहां से सबसे ज्यादा ऊर्जा वाली एक्स-रे निकलती हैं। AT2019dsg खास इसलिए है क्योंकि अनैलेसिस में दिखाई दिया है कि इस ब्लैक होल के इर्द-गिर्द अजीब कोण पर फिलामिंट जैसा कुछ रहा हो। ऐसे फिलामिंट किसी सितार के ब्लैक होल में जाने पर बन सकते हैं। अगर टीम का यह अंदेशा सही हुआ, तो यह अपनी तरह का पहला ऑब्जर्वेशन होगा। इससे पहले AT2019dsg तब भी चर्चा में था जब इसके इवेंट से तेज ऊर्जा वाला न्यूट्रीनो डिटेक्ट किया गया था। अब फिलामिंट दिखने के बाद वैज्ञानिक हैरान हैं कि अभी इस एक घटना से और क्या पता चल सकता है।
from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3ybdMFr
via IFTTT
No comments:
Post a Comment