वॉशिंगटन मॉडर्ना ने दावा किया है कि उसकी कोरोना वायरस वैक्सीन बड़ी उम्र के लोगों के साथ 12 साल के हो चुके बच्चों पर भी प्रभावी है। जिसके बाद इस वैक्सीन को अमेरिका में बच्चों के लिए दूसरा विकल्प बनाया जा सकता है। दरअसल वहां पहले से ही बच्चों को फाइजर की कोविड वैक्सीन लगाई जा रही है। इन दोनों के अलावा किसी और वैक्सीन निर्माता ने अभी तक बच्चों के ऊपर प्रभाव को लेकर कोई दावा नहीं किया है। भारत में कोरोना की तीसरी लहर रोकने में क्या होगा मददगार? भारत में सरकार के कई शीर्ष स्वास्थ्य विशेषज्ञ कोविड की तीसरी लहर का अंदेशा जता चुके हैं। जिसमें दावा किया गया है कि इस दौरान बच्चों पर इस वायरस का प्रभाव ज्यादा दिखेगा। कई राज्य सरकारों ने तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। ऐसे में अगर ज्यादा संख्या में वैक्सीन निर्माता कंपनिया बच्चों के ऊपर प्रभाव का अध्ययन करती हैं तो इससे भारत को भी फायदा मिल सकता है। अमेरिका-कनाडा में बच्चों को लगाया जा रहा फाइजर का टीका टीकों की वैश्विक आपूर्ति की कमी अब भी बरकरार है और दुनिया के अधिकांश देश महामारी के शमन के लिये वयस्कों के टीकाकरण में संघर्ष कर रहे हैं। अमेरिका और कनाडा ने हालांकि इस महीने की शुरुआत में एक अन्य टीके- फाइजर और बायोएनटेक द्वारा निर्मित- को 12 साल के आयुवर्ग से ज्यादा की उम्र के लोगों को देने की मंजूरी दी थी। माडर्ना ने अमेरिका को सौंपी बच्चों पर प्रभाव वाली रिपोर्ट मॉडर्ना इस मंजूरी के लिये कतार में है और उसने कहा कि वह अगले महीने की शुरुआत में किशोरों से संबंधित अपने आंकड़ों को अमेरिकी खाद्य एवं औषध प्रशासन तथा अन्य वैश्विक नियामकों को सौंपेगा। कंपनी ने 12 से 17 वर्ष के आयुवर्ग के 3700 बच्चों पर अध्ययन किया। शुरुआती नतीजों में नजर आया कि टीका वयस्कों की तरह ही किशोरों के प्रतिरोधी तंत्र की सुरक्षा पर काम करता है और बांह में सूजन, सिरदर्द और थकान जैसे उसी तरह के अस्थायी दुष्प्रभाव भी नजर आते हैं। बच्चों पर 93 फीसदी प्रभावी होने का दावा मॉडर्ना टीके की दो खुराक लेने वालों में कोविड-19 नहीं मिला जबकि जिन बच्चों को डमी टीके लगाए गए थे उनमें चार मामले मिले। कंपनी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि पहली खुराक के दो हफ्तों बाद 93 प्रतिशत प्रभावी रही। वयस्कों की तुलना में बच्चों में कोविड-19 से गंभीर रूप से बीमार पड़ने का जोखिम काफी कम रहता है, लेकिन वे देश के कोरोनावायरस मामलों के 14 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पिडियाट्रिक्स के आंकड़ों के मुताबिक अकेले अमेरिका में कम के कम 316 बच्चों की मौत हो चुकी है। अमेरिका में बड़ी संख्या में वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे किशोर नियामक से मंजूरी मिलने के बाद अमेरिका में बड़ी संख्या में किशोर फाइजर का टीका लगवाने के लिये टीकाकरण केंद्र पहुंच रहे हैं। प्रयास यह है कि अगले शैक्षणिक सत्र से पहले अधिकाधिक किशोरों का टीकाकरण किया जा सके। फाइजर और माडर्ना दोनों ने 11 वर्ष से लेकर छह महीने तक के बच्चों के टीकाकरण का परीक्षण शुरू किया है।
from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3ujvCTA
via IFTTT
No comments:
Post a Comment