पुणे चांद की तस्वीरें लेना किसी आम इंसान से लेकर ऐस्ट्रोफटॉग्रफर्स तक का पसंदीदा काम होता है। पिछले कुछ दिनों से चांद की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर काफी चर्चित है जिसे कैमरे में कैद किया है पुणे के 16 साल के प्रथमेश जाजू ने। खास बात यह है कि बेहद साफ नजर आ रही यह तस्वीर दरअसल 55 हजार तस्वीरें मिलाकर बनाई गई है और इसमें 186 गीगाबाइट का डेटा लग गया। कैसे बनी तस्वीर? प्रथमेश का कहना है कि उन्होंने पहले चांद के छोटे-छोटे हिस्सों के 38 वीडियो लिए। हर वीडियो में करीब 2000 फ्रेम हैं। उन्हें स्टेबलाइज करके एक-एक तस्वीर में तब्दील किया गया और फिर साथ में लगाया गया जिससे चांद की पूरी तस्वीर बनी। इसके लिए उन्होंने Celestron 5 Cassegrain OTA (टेलिस्कोप), ZWO ASI120MC-S सुपर-स्पीड USB कैमरा, SkyWatcher EQ3-2 माउंट और GSO 2X BARLOW लेंस का इस्तेमाल किया। फिर शार्पकैप की मदद से तस्वीरें लीं और उन्हें स्टेबलाइज किया। रंगीन कैसे? इस तस्वीर में चांद का रंग भी अलग दिख रहा है जैसा आमतौर पर नहीं देखा जाता। जाजू ने बताया है कि हर रंग चांद पर मिलने वाले खनिज दिखाता है। कैमरे की मदद से नीले रंग में ऐसे क्षेत्र हैं जहां लोहे, टाइटेनियम और ऑक्सिजन से बना इल्मेनाइट है और नारंगी और बैंगनी रंग वहां दिख रहा है जहां इसकी मात्रा कम है। जहां सूरज की रोशनी ज्यादा है, वहां सफेद या ग्रे रंग दिख रहे हैं। सूरज की सिंदूरी तस्वीर कुछ दिन पहलेएक लाख तस्वीरों से बनी सिंदूरी सूरज की तस्वीर भी काफी चर्चित थी। यह इतनी साफ थी कि इसमें बन रही एक विस्फोट की स्थिति (solar flare) तक दिख रहा है। ऐस्ट्रोफटॉग्रफर ऐंड्रू मैककार्थी ने बताया था कि 230 मेगापिक्सल की यह तस्वीर उनकी ली हुई सबसे साफ तस्वीर है। वह तीन साल से सूरज और चांद की तस्वीर ले रहे हैं। यह तस्वीर लेने के लिए 100 फोटो प्रति सेकंड की रफ्तार से कुल 1 लाख तस्वीरें ली गईं और आखिर में यह तस्वीर निकली।
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