वॉशिंगटन धरती की उत्पत्ति कैसे हुई और जीवन कैसे शुरू हुआ, इस तरह के सवालों के जवाब खोजने के लिए OSIRIS-REx स्पेसक्राफ्ट 2018 में Bennu पर पहुंचा था। अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने कई साल इस ऐस्टरॉइड को स्टडी किया और पिछले साल अक्टूबर में सैंपल भी ले लिया। अब यह स्पेसक्राफ्ट इतिहास रचते हुए धरती पर लौट रहा है। यह दो साल का सफर तय करके धरती पर लौट आएगा। OSIRIS-REx ऐस्टरॉइड Bennu से निकल चुका है और 7 मिनट में इंजिन फायर करते ही यह 600 मील प्रतिघंटा की रफ्तार से Bennu से निकल गया। इसे धरती पर लौटने में अभी दो साल लगेंगे और 24 सितंबर, 2023 को इसके धरती पर लैंड करने की उम्मीद है। फिलहाल इसे धरती पर सुरक्षित लाने पर वैज्ञानिकों की नजर है। इसे धरती पर लैंड करने के लिए सही ऐंगल पर लाना सबसे अहम होगा। अगर यह सीधे-सीधे पहुंचा तो कैप्सूल के वायुमंडल से टकराकर जलने की आशंका होगी और अगर कम ऐंगल पर आया तो वायुमंडल से टकराकर वापस अंतरिक्ष में चले जाने का डर होगा। धरती के पास आने पर इसका सैंपल रिटर्न कैप्सूल अलग हो जाएगा जिसमें चट्टान और धूल हैं। यह धरती के वायुमंडल से होते हुए पैराशूट्स के सहारे धरती पर पहुंचेगा। लौटने के बाद कैप्सूल को ह्यूस्टन स्थित जॉनसन स्पेस सेंटर की फसिलटी में ले जाया जाएगा। यहां सैंपल निकालकर दुनिया की अलग-अलग लैब में भेजा जाएगा जहां वैज्ञानिकों इन पर अनैलेसिस करेंगे। इसकी मदद से सौर मंडल के बनने से लेकर धरती पर जीवन की शुरुआत से जुड़े कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं। NASA ने बताया था कि इसकी वापसी में दो महीने की देरी होगी। यह सितंबर 2023 में लौटेगा।
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