लिलोंग्वा अफ्रीका के मलावी में एक्सपायर हो चुकीं की कोरोना वायरस वैक्सीन की 17 हजार खुराकों को आग के हवाले करना पड़ा। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा करने वाला मलावी पहला अफ्रीकी देश है। यहां अप्रैल में एक्सपायर हो चुकीं खुराकों को जला दिया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पहले देशों से ऐसा नहीं करने के लिए कहा था लेकिन बाद में अपनी सलाह बदल दी थी। मलावी के अधिकारियों का कहना है कि लोगों के अंदर इस बात का शक था कि कहीं उन्हें एक्सपायर हो चुकी वैक्सीन तो नहीं दी जा रही। उसे साफ करने के लिए खुराकों को जला दिया गया है। मलावी को कोवैक्स वैक्सीन शेयरिंग फसिलटी के तहत 3 लाख खुराकें, भारत से 50 हजार और अफ्रीकी संघ से 1.02 लाख खुराकें दी गई थीं। हालांकि, यहां लोग वैक्सीन लगवाने नहीं पहुंचे और बाद में एक्सपायर हो चुकीं वैक्सीनों को जलाना पड़ा। वैक्सीन के खिलाफ प्रॉपगैंडा देश के स्वास्थ्य मंत्री का आरोप है कि AstraZeneca वैक्सीन के खिलाफ प्रॉपगैंडा के चलते उन्हें मिलीं वैक्सीनों को दो हफ्ते की शेल्फ लाइफ के अंदर इस्तेमाल नहीं किया जा सका। उन्होंने देश के लोगों को विश्वास दिलाया है कि वैक्सिनेशन प्रोग्राम में एक्सपायर हो चुकी वैक्सीन किसी को नहीं दी जा रही है। इससे पहले नॉर्वे और डेनमार्क के बाद ऑस्ट्रिया AstraZeneca का इस्तेमाल बंद करने वाला तीसरा यूरोपीय देश बन गया। खून के थक्के जमने की खबरों के फैलने के साथ इन देशों ने ऐसा कदम उठाया है। मलावी का लक्ष्य साल के अंत तक देश की कम से कम 60% आबादी को वैक्सिनेट कराने का था। मार्च में वैक्सिनेशन शुरू होने के बाद से 3 लाख लोगों को वैक्सीन लग चुकी है।
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