काठमांडू दुनिया के कई हिस्सों में कोरोना वायरस के नए वेरियंट पाए गए हैं जो तेजी से फैल रहे हैं और कुछ ज्यादा घातक भी साबित हो रहे हैं। इसी बीच मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि नेपाल में भी एक नया वेरियंट मिला है जो यूरोप तक फैल गया है। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि नेपाल में SARS-CoV-2 के किसी नए वेरियंट के मिलने की कोई जानकारी नहीं है। 'वैक्सीन भी बेअसर' डेलीमेल की एक रिपोर्ट में गुरुवार को कहा गया था कि देश के मंत्रियों को ऐसे वेरियंट को लेकर अलर्ट किया गया है जो नेपाल में पैदा हुआ लगता है। इनमें यह भी दावा किया गया कि यह वेरियंट यूरोप में भी फैलना शुरू हो गया है। यहां कि वैक्सीनों के इस कथित नए वेरियंट पर फेल होने की बात भी कही गई। इस रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि पुर्तगाल में नेपाल वेरियंट मिला है। इस कारण यूरोप में छुट्टियों पर अगस्त तक असर पड़ सकता है। 'सिर्फ 3 वेरियंट्स की पहचान' इससे खड़े हुए सवालों के जवाब में WHO ने बताया है कि 3 कन्फर्म वेरियंट ऐल्फा (B.1.1.7), डेल्टा (B.1.617.2) और कापा (B.1.617.1) हैं। नेपाल में इस वक्त सबसे ज्यादा डेल्टा (B.1.617.2) वेरियंट है।इससे पहले WHO के विशेष दूत ने कहा है कि हर बार कोरोना वायरस का नया वेरियंट मिलने से हमें बहुत ज्यादा डरना नहीं चाहिए। वायरस में म्यूटेशन होते रहते हैं और WHO उनके खतरे के आधार पर उन्हें अलग-अलग श्रेणियों में रखता है। वेरियंट्स से डरे नहीं, फैलने से रोकें ITV के गुड मॉर्निंग ब्रिटेन में डॉ. डेविड नबारो ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि जितनी बार कोई नया वेरियंट आता है हमें बहुत ज्यादा डरना चाहिए। इसकी जगह हमें कोशिश करनी चाहिए कि इन वेरियंट्स को फैलने से रोका जाए।' उन्होंने कहा कि वेरियंट आते रहेंगे और कुछ चिंताजनक होंगे लेकिन हमें आगे बढ़ते रहना है और सोचना है कि कैसे जिंदगी जीनी है।
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