पेइचिंग/नई दिल्ली पूर्वी लद्दाख में 22 लड़ाकू विमानों के साथ सैन्य अभ्यास करने जुटे चीन ने कहा है कि भारत और चीन को विरोध करने की बजाय एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए। लद्दाख के देपसांग, गोगरा समेत सभी विवादित स्थलों से पीएलए के सैनिकों को हटाने के लिए बातचीत से आनाकानी कर रहे चीन ने कहा कि दोनों देशों के बीच सीमा विवाद एक ऐतिहासिक मुद्दा है। चीन इसे बातचीत के जरिए हल करने पर जोर देता है। भारत में चीन के राजदूत ने चीन के सरकारी भोंपू ग्लोबल टाइम्स से कहा, 'चीन और भारत को सहयोग करना चाहिए न कि एक-दूसरे का विरोध। साथ ही दोनों को कोरोना से जंग और अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने पर जोर देना चाहिए। सीमा विवाद एक ऐसा मुद्दा है जिसे इतिहास द्वारा छोड़ा गया है और इसे समुचित तरीके से सुलझाया जाना चाहिए। चीन इसे वार्ता के जरिए सुलझाने पर जोर देता है।' लद्दाख की सीमा पर गरज रहे चीन के 22 फाइटर जेट चीनी राजदूत ने कहा कि हालिया कोरोना वायरस संकट के दौरान चीन ने भारत को हजारों ऑक्सीजन कन्स्ट्रेटर, 8 हजार से ज्यादा वेंटिलेटर और अरबों मास्क निर्यात किए हैं। चीनी प्रशासन ने दर्जनों भारतीय विमानों को चीन से सप्लाइ लाने की अनुमति दी है। चीन के राजदूत का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब 22 चीनी फाइटर जेट पूर्वी लद्दाख में लगातार युद्धाभ्यास कर रहे हैं। रक्षा से जुड़े सूत्रों न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया, 'पूर्वी लद्दाख में भारतीय क्षेत्र के उस पार चीन के 21-22 लड़ाकू विमानों ने अभ्यास किया है। इनमें मुख्य तौर पर J-11 फाइटर जेट्स शामिल थे जो रूसी लड़ाकू विमान Su-27 की नकल हैं। कुछ J-16 लड़ाकू विमान भी एक्सर्साइज में शामिल रहे।' सूत्रों ने बताया कि हाल में हुए इस अभ्यास पर भारत ने काफी करीब से नजर रखा हुआ था। चीन का जवाब देने को भारत ने तैनात किए मिग-29 चीन ने इस एक्सर्साइज को होटन, गार गुंसा और काशगर समेत कुछ एयरफील्ड्स से अंजाम दिया जिन्हें हाल ही में अपग्रेड किया गया है। पूर्वी लद्दाख में तनाव के बाद चीन ने एलएसी से सटे अपने सैन्य हवाई अड्डों को अपग्रेड किया है। सूत्रों के मुताबिक, किस हवाई अड्डे पर कितने लड़ाकू विमान मौजूद हैं, इसको छिपाने के लिए चीन ने कंक्रीट के स्ट्रक्चर खड़े किए हैं। सूत्रों ने बताया कि अभ्यास के दौरान चीन के लड़ाकू विमान उसी के क्षेत्र में बने रहे। पिछले साल से भारतीय लड़ाकू विमानों की भी लद्दाख क्षेत्र में गतिविधिया काफी बढ़ी हुई हैं। उन्होंने बताया, 'इस साल गर्मियों में चीनी सेना और एयर फोर्स की तैनाती के बाद इंडियन एयरफोर्स भी नियमित तौर पर मिग-29 लड़ाकू विमानों की टुकड़ी को तैनात करती रही है।' सूत्रों ने बताया कि चीन ने भले ही पैंगोंग झील इलाके से अपने सैनिकों को पीछे हटाया है लेकिन उसने HQ-9 और HQ-16 जैसे अपने एयर डिफेंस सिस्टमों को नहीं हटाया है जो लंबी दूरी से ही किसी लड़ाकू विमान को टारगेट कर सकते हैं।
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