Thursday, 10 June 2021

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वॉशिंगटन वैज्ञानिकों ने पृथ्वी से 90 प्रकाश वर्ष की दूरी पर एक नए की खोज की है। इस अद्भुत ग्रह को देखने के बाद अंदाजा लगाया जा रहा है कि इसपर धरती की तरह ही पानी के बादल मिल सकते हैं। यह एक्सोप्लैनेट हमारे सौर मंडल के बाहर स्थित ग्रह हैं। TOI-1231 b नामक यह एक्सोप्लैनेट हर 24 दिनों में अपने तारे की एक परिक्रमा पूरी करता है। छोटे और मंद तारे की परिक्रमा करता है यह एक्सोप्लैनेट यह ग्रह हमारे सूर्य की परिक्रमा नहीं करता है, बल्कि एक लाल या एम-टाइप के बौने तारे की परिक्रमा करता है। इस तारे को एलएनटीटी 24399 (NLTT 24399) के नाम से जाना जाता है। यह तारा हमारे सूर्य से काफी छोटा और मंद है। इस ग्रह के खोज को लेकर एक विस्तृत अध्ययन भी किया गया है। जिसे जिसे द एस्ट्रोनॉमिकल जर्नल के आगामी अंक में प्रकाशित करने की योजना है। पृथ्वी के मुकाबले आठ गुना नजदीक है यह एक्सोप्लैनेट इस स्टडी के सह लेखक और न्यू मैक्सिको विश्वविद्यालय के भौतिकी और खगोल विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डायना ड्रैगोमिर ने कहा कि हालांकि टीओआई 1231 बी पृथ्वी की तुलना में सूर्य के मुकाबले अपने तारे के आठ गुना करीब है, लेकिन इसका तापमान पृथ्वी के समान है। कम चमकीले और ठंडे तारे के कारण आठ गुना नजदीक होने के बाद भी इस ग्रह का तापमान नहीं बढ़ा है। अगर यह हमारे सूर्य के इतना करीब होता तो यहां का वायुमंडल भी शुक्र के जैसे ही गर्म होता। धरती से काफी बड़ा है इसका आकार उन्होंने बताया कि इस ग्रह का आकार हमारी पृथ्वी से काफी बड़ा और नेप्च्यून से छोटा है। इसलिए हम इसे सब-नेप्च्यून का नाम दे सकते हैं। इस ग्रह की खोज के बाद से ही वैज्ञानिकों में काफी उत्साह है। अगर यहां सही में पानी वाले बादल पाए जाते हैं तो यह इंसानों के लिए सदी की सबसे बड़ी खोज हो सकती है। गैसीय ग्रह होने का दावा कर रहे वैज्ञानिक स्टडी कर रहे वैज्ञानिकों ने इस ग्रह की त्रिज्या और द्रव्यमान का निर्धारण किया है। इससे वैज्ञानिकों को टीओआई-1231 बी के घनत्व की गणना करने और इसकी संरचना का अनुमान लगाने में मदद मिली। इस एक्सोप्लैनेट का घनत्व कम है, जो बताता है कि यह पृथ्वी की तरह एक चट्टानी ग्रह के बजाय एक गैसीय ग्रह है। लेकिन वैज्ञानिक अभी तक ग्रह या उसके वायुमंडल की संरचना के बारे में निश्चित रूप से नहीं जानते हैं। जलवाष्प होने की उम्मीद से वैज्ञानिकों में खुशी कैलिफोर्निया के पासाडेना में नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी में पोस्टडॉक्टरल फेलो लीड स्टडी लेखक जेनिफर बर्ट ने कहा कि टीओआई -1231 बी नेप्च्यून के आकार और घनत्व में काफी समान है। इस कारण हमें लगता है कि इसका उसी की तरह बड़ा और गैसीय वातावरण है। डायना ड्रैगोमिर ने बताया कि हो सकता है कि इस ग्रह पर एक बड़ा हाइड्रोजन या हाइड्रोजन-हीलियम वातावरण हो। इसके अलावा एक सघन जल वाष्प वातावरण भी हो सकता है। 60 डिग्री सेल्सियस तापमान सबसे अच्छा संकेत शोधकर्ताओं का मानना है कि TOI-1231 b का औसत तापमान 140 डिग्री फ़ारेनहाइट (60 डिग्री सेल्सियस) है। इतना तापमान इसे अपने वायुमंडल के भविष्य के अध्ययन के लिए अबतक उपलब्ध छोटे एक्सोप्लैनेट में से सबसे अच्छे में से एक बनाता है। नासा की जेनिफर बर्ट ने कहा कि अब तक पाए गए अधिकांश एक्सोप्लैनेट की तुलना में टीओआई-1231 बी सकारात्मक रूप से ठंडा है। एक्सोप्लैनेट जितना ठंडा होगा, उसके वायुमंडल में बादल होने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।


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