Sunday, 26 September 2021

https://ift.tt/36CAGd7

काबुल कुछ वक्त पहले गुजरात में 21,000 करोड़ रुपये की हेरोइन जब्त की गई थी। ईरानी नाव से जब्त की गई हेरोइन चेन्‍नई की एक फर्म की मदद से ऑस्‍ट्रेलिया या यूरोप पहुंचाई जानी थी। यह देश के इतिहास में अब तक पकड़ी गई हेरोइन की सबसे बड़ी मात्रा में से एक है। इस घटना ने न सिर्फ देश के अंदर पहुंच चुके एक बड़े खतरे की ओर आगाह किया है, बल्कि इस ओर भी ध्यान खींचा है कि एशिया में फल-फूल रहे हेरोइन के बाजार की चपेट में हम भी आ सकते हैं और फिलहाल इसके खिलाफ लड़ाई का कोई ठोस तरीका सामने नहीं है। फर्स्ट पोस्ट की एक रिपोर्ट में इस नेटवर्क के खतरे को उजागर किया गया है। 'जब्त होती है हेरोइन, लेकिन मार्केट पर असर नहीं' ऐंटवर्प और हैमबर्ग में शिपिंग कंटेनर्स के अंदर 23, 200 किलो हेरोइन बरामद की गई। 600 किलो श्रीलंका में, 1420 किलो रोमानिया में और 400 किलो कोसोवो में बरामद की गई। चिंता की बात है विशाल कंसाइनमेंट्स में 150 से ज्यादा देश, सेना, खुफिया एजेंसी और पुलिस तक शामिल पाई गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे कंसाइनमेंट्स जब्त होने के बावजूद हेरोइन के वैश्विक कारोबार पर कोई असर नहीं पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र के ऑफिस ऑन ड्रग्स ऐंड ऑर्गनाइज्ड क्राइम (UNODOC) के मुताबिक इसका बाजार 350 टन का है। आखिरी वैश्विक डेटा साल 2018 का है जब 96 टन हेरोइन और 726 टन अफीम जब्त की गई थी। यानी ऐसी कार्रवाई के बावजूद बड़ी मात्रा में हेरोइन मार्केट में पहुंचती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान या ईरान के बेस से हेरोइन ईरान और पाकिस्तान के पोर्ट से पूर्वी अफ्रीका, हिंद महासागर के श्रीलंका और मॉरीशस जैसे देशों में या सीधे यूरोप में भेजी जाती होगी। कोरोना से लगा झटका, अब फिर खुलने लगे रास्ते कोरोना के चलते दुनिया के बड़े बंदरगाह बंद हो गए। इसके साथ हेरोइन के व्यापार को भी झटका लगा। जमीन और हवा के रास्ते भी बंद थे। पश्चिमी हिंद महासागर में तस्कर नाव का इस्तेमाल करते हैं जिस पर पाकिस्तानी मछुआरे होते हैं। अफगानिस्तान से श्रीलंका, मॉरीशस और मालदीव में ये डिलिवरी की जाती है। यहां कार्गो इंतजार करता रहा एक बार फिर रास्ता खुलने का। जब रास्ते खुलने लगे तो यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में डिलिवरी तेज की गई। जमीन के रास्ते पश्चिमी अफगानिस्तान से ईरान या मध्य एशियाई देशों की ओर भी डिलिवरी जाया करती थी लेकिन कोविड के चलते सीमाएं बंद होने से इसका ज्यादा सहारा नहीं था। UNDOC डेटा के मुताबिक अफगानिस्तान में अफीम की खेती फल-फूल रही है। देश के मौजूदा हालात के बीच चरमराती अर्थव्यवस्था, सूखे और निर्यात के रास्ते बदलने से डर है कि और ज्यादा किसान अफीम की खेती करेंगे। सामने है खतरा, क्या करे भारत? रिपोर्ट के मुताबिक ईरान और मेक्सिको में इन तस्कर गुटों से लड़ते हुए सैकड़ों पुलिसकर्मियों की जान गई है और भारत के सामने यह एक बड़ी चेतावनी है। इसलिए इस चुनौती से निपटने के लिए पुलिस व्यवस्था को दुरुस्त करना होगा। सिंगापुर और ईरान में तस्करी पर मौत की सजा तक दी जाती है लेकिन इसका असर ज्यादा नहीं है। भारत को ऐसे में और भी ज्यादा सोच समझकर कदम उठाने होंगे। शिक्षा इसके लिए एक बड़ा हथियार साबित हो सकती है।


from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3ueDVBv
via IFTTT

No comments:

Post a Comment

https://ift.tt/36CAGd7

रियाद सऊदी अरब के नेतृत्‍व में गठबंधन सेना ने यमन की राजधानी सना में हूती विद्रोहियों के एक शिविर को हवाई हमला करके तबाह कर दिया है। सऊदी...