अमेरिका में तूफान इडा के कारण हुई मूसलाधार बारिश के बाद आई फ्लैश फ्लड से दुनिया के सबसे विकसित शहरों में शुमार न्यूयॉर्क पानी में डूब गया। कुछ ऐसा ही हाल अपने सुंदर बीच और लाइफस्टाइल के लिए मशहूर न्यू जर्सी में भी देखने को मिला। दो दिन पहले ही नई दिल्ली में भी ऐसा ही मंजर देखने को मिला था, जब मानसूनी बारिश ने सरकारी प्रबंध की पोल खोलकर रख दी थी। तब दिल्ली की कई प्रमुख सड़कें और अंडरपास पानी में डूब गए थे। भारत में इस बारिश के कारण कोई जनहानि तो नहीं हुई लेकिन अमेरिका इतना भाग्यशाली नहीं रहा। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी में आए बाढ़ के कारण अबतक नौ लोगों की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ लोग अपने घरों के बेसमेंट में भरे पानी में फंस गए थे। जबकि, एक शव तो सड़क पर बहती कार में पाया गया।दो दिन पहले ही नई दिल्ली में भी ऐसा ही मंजर देखने को मिला था, जब मानसूनी बारिश ने सरकारी प्रबंध की पोल खोलकर रख दी थी। तब दिल्ली की कई प्रमुख सड़कें और अंडरपास पानी में डूब गए थे। भारत में इस बारिश के कारण कोई जनहानि तो नहीं हुई लेकिन अमेरिका इतना भाग्यशाली नहीं रहा।

अमेरिका में तूफान इडा के कारण हुई मूसलाधार बारिश के बाद आई फ्लैश फ्लड से दुनिया के सबसे विकसित शहरों में शुमार न्यूयॉर्क पानी में डूब गया। कुछ ऐसा ही हाल अपने सुंदर बीच और लाइफस्टाइल के लिए मशहूर न्यू जर्सी में भी देखने को मिला। दो दिन पहले ही नई दिल्ली में भी ऐसा ही मंजर देखने को मिला था, जब मानसूनी बारिश ने सरकारी प्रबंध की पोल खोलकर रख दी थी। तब दिल्ली की कई प्रमुख सड़कें और अंडरपास पानी में डूब गए थे। भारत में इस बारिश के कारण कोई जनहानि तो नहीं हुई लेकिन अमेरिका इतना भाग्यशाली नहीं रहा। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी में आए बाढ़ के कारण अबतक नौ लोगों की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ लोग अपने घरों के बेसमेंट में भरे पानी में फंस गए थे। जबकि, एक शव तो सड़क पर बहती कार में पाया गया।
न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी में आपातकाल का ऐलान

बाढ़ से पैदा हुए हालात को देखते हुए न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी के गवर्नरों ने आपातकाल का ऐलान कर दिया है। न्यूयॉर्क शहर के मेयर बिल डी ब्लासियो ने इसे "ऐतिहासिक मौसम घटना" कहा। न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में महज एक घंटे में कम से कम 3 इंच (8 सेंटीमीटर) बारिश हुई। इस कारण न्यूयॉर्क में सभी मेट्रो लाइनों को बंद कर दिया गया है। ट्रेनों का आवागमन रुकने और सड़कों पर पानी भरने से लाखों लोग यहां-वहां फंसे हुए हैं। इतना ही नहीं, खराब मौसम के कारण इन दोनों शहरों का अमेरिका के दूसरे हिस्सों से हवाई और रेल संपर्क भी रोक दिया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी से बाहर कई उड़ानें और ट्रेनें निलंबित कर दी गई हैं। मौसम को देखने के बाद परिवहन व्यवस्था पर फिर से कोई फैसला किया जाएगा।
अबतक नौ लोगों की मौत, आंकड़ा बढ़ने की संभावना

न्यूजर्सी के पासैक शहर के मेयर हेक्टर लोरा ने सीएनएन को बताया कि हमें 70 साल के एक व्यक्ति का शव बाढ़ में बह गई एक कार से मिला है। एनबीसी न्यूयॉर्क ने बताया है कि न्यू जर्सी में कम से कम एक और व्यक्ति की मौत हो गई। एनबीसी और एएफपी ने बताया कि न्यूयॉर्क शहर में सात लोगों की मौत हो गई, इनमें कुछ अपने अपॉर्टमेंट के बेसमेंट में फंसे हुए थे। न्यूयॉर्क शहर में मृतकों में एक दो साल का बच्चा भी शामिल है। सोशल मीडिया पर चल रहे फुटेज में मेट्रो स्टेशनों, सड़कों और लोगों के घरों में पानी भरते हुए दिखाया गया है। स्थानीय लोगों ने भी बताया कि रात को उनके घरों में नलों से अचानक पानी निकलने लगा। घर के बाहर पानी इतनी तेजी से आया कि हम इस घटना पर यकीन नहीं कर सके।
अमेरिकी मौसम विभाग ने बाढ़ आपातकाल का ऐलान किया

यूएस नेशनल वेदर सर्विस ने न्यूयॉर्क शहर, ब्रुकलिन, क्वींस और लॉन्ग आइलैंड के कुछ हिस्सों में बाढ़ आपातकाल (flood emergency) की घोषणा की है। उन्होंने मैसाचुसेट्स और रोड आइलैंड के कुछ हिस्सों के लिए बवंडर की चेतावनी भी जारी की है। वेदर सर्विस ने बताया कि चेतावनी के विपरीत बाढ़ आपातकाल बेहद की दुर्लभ परिस्थिति में जारी किया जाता है। हम बाढ़ से पैदा होने वाले मानव जीवन को गंभीर खतरे और विनाशकारी क्षति से बचाने के लिए ऐसी चेतावनी जारी करते हैं। ऐसे में लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई है। सड़कों पर पानी भरे होने के कारण बिजली और पाइपलाइन सप्लाई पर भी असर पड़ रहा है।
इडा ने 2005 के कैटरीना तूफान की याद दिलाई

इडा तूफान ठीक उसी तारीख को अमेरिकी धरती से टकराया जब 16 साल पहले तूफान कैटरीना ने लुइसियाना और मिसीसिपी में तबाही मचाई थी। सोलह साल पहले 29 अगस्त 2005 को आए तूफान कैटरीना ने मिसीसिपी और लुइसियाना के तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई थी। श्रेणी तीन के तूफान कैटरीना की वजह से 1,800 लोगों की मौत हुई थी और यह न्यू ओर्लियंस में भयावह बाढ़ का कारण बना था, जिससे उबरने में वर्षों लग गए थे। इडा रविवार को श्रेणी चार के भीषण तूफान में तब्दील होकर तट से टकराया था और 16 घंटे बाद यह फिर से उष्णकटिबंधीय चक्रवात में तब्दील हो गया।
न्यू ओर्लियंस में तूफान से हुई भीषण तबाही

तूफान के चलते न्यू ओर्लिंयंस में बिजली गुल होने के साथ ही विभिन्न सेवाएं प्रभावित हुई हैं। सोशल मीडिया पर लोगों ने राहतकर्मियों से कहा कि वे उन्हें मुसीबत से बचाएं। इसके लिए उन्होंने अपने घरों के पते भी दिए। अधिकारियों ने जवाब में सूर्योदय होने और मौसम ठीक होते ही व्यापक राहत अभियान चलाने का वादा किया और बाद में बचाव अभियान चलाया गया। तूफान सोमवार को मिसीसिपी की तरफ बढ़ गया और कमजोर होकर पुन: उष्कटिबंधीय तूफान में तब्दील हो गया। लुइसियाना के गवर्नर जॉन बेल एडवर्ड्स ने कहा कि स्थितियां प्रतिकूल होने के चलते राहत अभियान अभी तत्काल काम नहीं कर पाएगा और उनके राज्य को तूफान के प्रभाव से उबरने में कई सप्ताह लगेंगे।
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