काबुल अफगानिस्तान में सरकार का ऐलान करने जा रहे तालिबान ने भारत के कश्मीर पर एक बार फिर बयान दिया है। तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने कहा कि उनके समूह का इरादा किसी भी देश के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष करने का नहीं है। शाहीन ने यह भी कहा कि मुसलमान होने के कारण भारत के कश्मीर में या किसी भी दूसरे देश में मुस्लिमों के पक्ष में आवाज उठाने का अधिकार उनके पास है। मुसलमानों को लेकर तालिबान यह बोला.. बीबीसी के साथ बातचीत में तालिबान के दोहा कार्यालय के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने कहा कि हम आवाज उठाएंगे और कहेंगे कि मुसलमान आपके लोग है, अपने देश के नागरिक हैं। आपके कानून के मुताबिक वो समान हैं। इससे पहले तालिबान के बड़े प्रवक्ता में शुमार जबीउल्लाह मुजाहिद ने भी कश्मीर को लेकर अपने समूह का पक्ष रखा था। उन्होंने कहा था कि कश्मीर के मामले में भारत को अपना रवैया सकारात्मक करना चाहिए। कश्मीर को लेकर प्रॉपगैंडा फैला रहा पाक 2019 में जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 के खात्मे के बाद पाकिस्तान पूरे जोर-शोर से दुनिया में कश्मीरी मुसलमानों को लेकर प्रॉपगैंडा फैला रहा है। हालांकि, बड़ी बात यह है कि भारत ने पाकिस्तान के हर चाल को पहले ही नाकाम किया हुआ है। पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से भी कई बार कश्मीर को लेकर झूठे आरोप लगाए हैं। जिसके जवाब में भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया भी दी है। 'तालिबान कश्मीर जीतकर पाक को देगा' इमरान खान की पार्टी पीटीआई की नेता नीलम इरशाद शेख ने दावा किया था कि तालिबान पाकिस्तान के साथ है। उन्होंने कहा कि तालिबान आएंगे और कश्मीर को जीतकर उसे पाकिस्तान को देंगे। नीलम ने यह विवादित बयान पाकिस्तान के बोल टीवी के एक डिबेट में दिया जिसे लंबे समय से माना जाता है कि इसके पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से गहरे संबंध है। भारत के साथ कैसा संबंध चाहता है तालिबान इससे पहले इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) में ट्रेनिंग लिए हुए तालिबान के वरिष्ठ नेता शेर मोहम्मद अब्बास स्टेनकजई ने भारत के साथ संबंधों पर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि तालिबान भारत के साथ अफगानिस्तान के राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को जारी रखना चाहता है। उन्होंने कहा कि भारत इस उपमहाद्वीप के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हम भारत के साथ अपने सांस्कृतिक, आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को पहले की तरह जारी रखना चाहते हैं। TAPI पाइपलाइन और चाबहार पर भी बोला तालिबान तुर्कमेनिस्तान के साथ अफगानिस्तान के संबंधों के बारे में बोलते हुए, स्टेनकजई ने तुर्कमेनिस्तान-अफगानिस्तान-पाकिस्तान-भारत (टीएपीआई) गैस पाइपलाइन परियोजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तालिबान सरकार बनने के बाद इस परियोजना को रोकने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए काम करेगा। स्टेनकजई ने ईरान के साथ संबंधों के बारे में बोलते हुए भारत द्वारा विकसित चाबहार बंदरगाह का भी उल्लेख किया और व्यापार के लिए इसके महत्व पर प्रकाश डाला।
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