Tuesday, 28 September 2021

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दुनियाभर में विस्तारवादी नीति के लिए कुख्यात चीन इन दिनों अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन कर रहा है। चीन में मंगलवार को झुहाई एयर शो का आगाज हुआ है। इसमें 40 देशों की लगभग 700 हथियार निर्माता कंपनियां भी हिस्सा ले रही हैं। इस एयर शो में चीन भी अपने स्वदेशी इंजन के साथ J-20 लड़ाकू विमान, WZ-7 हॉई एल्टिट्यूड ड्रोन, J-16D इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जेट, FC-31 लड़ाकू विमान के हथियार, CH-6 ड्रोन सहित कई दूसरी तरह के हथियारों को पहली बार दुनिया के सामने पेश कर रहा है। 3 अक्टूबर तक चलने वाले इस एयर शो का आधिकारिक नाम चाइना इंटरनेशनल एविएशन एंड एयरोस्पेस एग्जिबिशन है। इस एयर शो की शुरुआत में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) एयरफोर्स की बेई एरोबेटिक्स टीम और पीएलए एयरफोर्स एविएशन यूनिवर्सिटी की रेड ईगल एरोबैटिक टीम ने जबरदस्त करतब भी दिखाए।

झुहाई एयर शो में चीन भी अपने स्वदेशी इंजन के साथ J-20 लड़ाकू विमान, WZ-7 हॉई एल्टिट्यूड ड्रोन, J-16D इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जेट, FC-31 लड़ाकू विमान के हथियार, CH-6 ड्रोन सहित कई दूसरी तरह के हथियारों को पहली बार दुनिया के सामने पेश कर रहा है। 3 अक्टूबर तक चलने वाले इस एयर शो का आधिकारिक नाम चाइना इंटरनेशनल एविएशन एंड एयरोस्पेस एग्जिबिशन है।


लड़ाकू विमान, ड्रोन, मिसाइल... झुहाई एयर शो में दुनिया को ताकत दिखा रहा चीन

दुनियाभर में विस्तारवादी नीति के लिए कुख्यात चीन इन दिनों अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन कर रहा है। चीन में मंगलवार को झुहाई एयर शो का आगाज हुआ है। इसमें 40 देशों की लगभग 700 हथियार निर्माता कंपनियां भी हिस्सा ले रही हैं। इस एयर शो में चीन भी अपने स्वदेशी इंजन के साथ J-20 लड़ाकू विमान, WZ-7 हॉई एल्टिट्यूड ड्रोन, J-16D इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जेट, FC-31 लड़ाकू विमान के हथियार, CH-6 ड्रोन सहित कई दूसरी तरह के हथियारों को पहली बार दुनिया के सामने पेश कर रहा है। 3 अक्टूबर तक चलने वाले इस एयर शो का आधिकारिक नाम चाइना इंटरनेशनल एविएशन एंड एयरोस्पेस एग्जिबिशन है। इस एयर शो की शुरुआत में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) एयरफोर्स की बेई एरोबेटिक्स टीम और पीएलए एयरफोर्स एविएशन यूनिवर्सिटी की रेड ईगल एरोबैटिक टीम ने जबरदस्त करतब भी दिखाए।



चीन की डिफेंस इंडस्ट्री को मजबूती देना है मकसद
चीन की डिफेंस इंडस्ट्री को मजबूती देना है मकसद

चीन का सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने बताया कि यह एयर शो चीन की घरेलू डिफेंस इंडस्ट्री को मजबूत करेगा। चीन के एविएशन इंडस्ट्री कॉर्प के जनरल मैनेजर और सरकारी हथियार निर्माता कंपनियों के प्रवक्ता झोउ गुओकियांग ने बताया है कि उनकी कंपनी इस एयर शो में 150 लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, ड्रोन, मिसाइल और दूसरे हथियारों को प्रदर्शित कर रही है। उन्होंने बताया कि इनमें से 40 फीसदी हथियारों को दुनिया पहली बार देखने जा रही है। इसमें एजी-600 सी प्लेन का प्रोटोटाइप भी प्रदर्शित करने की योजना है। दुनिया के बेहद कम देशों के पास ही इतने बड़े आकार वाले सी प्लेन मौजूद हैं।



टैंक, तोप, आर्मर्ड गाड़ियों को किया प्रदर्शित
टैंक, तोप, आर्मर्ड गाड़ियों को किया प्रदर्शित

चाइना नॉर्थ इंडस्ट्रीज ग्रुप के डिप्टी जनरल मैनेजर जू वेनचाओ ने कहा कि उनकी कंपनी देश की सबसे बड़ी आर्मर्ड व्हीकल मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी है। वे इस एयर शो में मेन बैटल टैंक, बख्तरबंद गाड़ियों से लेकर 153 सैन्य हथियारों को प्रदर्शित कर रहे हैं। पहली बार प्रदर्शनी में स्मार्ट वॉर के हथियारों को भी दिखाया जा रहा है। यह एयर शो पिछले साल दिसंबर में प्रस्तावित था, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण इसकी डेट आगे बढ़ानी पड़ी। कोरोना महामारी के थमने और वैक्सीनेशन की स्पीड बढ़ने के बाद चीन ने इस एयर शो को दोबारा आयोजित करने का फैसला किया।



डबल इंजन वाले ड्रोन की पहली झलक भी दिखाई
डबल इंजन वाले ड्रोन की पहली झलक भी दिखाई

चीन ने इस एयर शो में दुनिया को अपने डबल इंजन वाले आर्म्ड ड्रोन की पहली झलक दिखाई है। यह ड्रोन लंबी दूरी तक उड़ान भरकर दुश्मन के ठिकानों पर बम बरसाने में सक्षम है। चीन के इस नए ड्रोन का नाम सीएच-6 (CH-6) है, जिसे चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कॉर्पोरेशन ने बनाया है। इसकी हमलावर रेंज 4500 किलोमीटर बताई जा रही है, जो चीन की राजधानी पेइचिंग से दिल्ली तक की 3782 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है। आज से पहले चीन ने ड्रोन के केवल मॉडल को ही प्रदर्शित किया था। इस एयर शो में चीन -16D इलेक्ट्रॉनिक अटैक जेट को भी प्रदर्शित करने जा रहा है, जो अपने जैमिंग पॉड्स के साथ दिखाई देगा।



Ch-6 एक साथ कई मिशन को दे सकता है अंजाम
Ch-6 एक साथ कई मिशन को दे सकता है अंजाम

सीएच-6 एक हाई एल्टीट्यूड, लॉन्ग इंड्यूरेंस, अनमैंड सिस्टम है। इसे खुफिया जानकारी इकट्ठा करने, लड़ाकू विमानों की सहायता करने और हमला करने जैसी भूमिकाओं में इस्तेमाल किया जा सकता है। यह ड्रोन अपने पूर्ववर्ती सीएच-5 से काफी मिलता जुलता है, हालांकि इसका पिछला हिस्से का कॉन्फ़िगरेशन पहले के डिजाइन से बहुत अलग है। इसमें हाई टी-टेल सेटअप का इस्तेमाल किया गया है। इसके टेल सेक्शन में एक साथ दो जेट इंजन लगाए गए हैं।



चीन ने कई गुना बढ़ाई अपनी सैन्य ताकत
चीन ने कई गुना बढ़ाई अपनी सैन्य ताकत

चीन इस समय काफी तेजी से अपनी नौसेना के लिए युद्धपोत और पनडुब्बियों का निर्माण कर रहा है। चीन की 62 में से सात पनडुब्बियां परमाणु शक्ति से चलती हैं। ऐसे में पारंपरिक ईंधन के रूप में भी उसे अब ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ रहा है। चीन पहले से ही जहाज निर्माण की कला में पारंगत था। साल 2015 में चीनी नौसेना ने अपनी ताकत को अमेरिकी नौसेना के बराबर करने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया था। पीएलए को विश्व-स्तरीय फाइटिंग फोर्स में बदलने के काम आज भी उसी तेजी से जारी है। जिनपिंग ने 2015 में शिपयार्ड और प्रौद्योगिकी में निवेश का आदेश दिया था। उन्होंने तब कहा था कि हमें एक शक्तिशाली नौसेना के निर्माण की जरुरत जो आज महसूस हो रही है, वैसा पहले कभी नहीं हुआ था। जाहिर है कि सुप्रीम कमांडर का आदेश पाने के बाद से ही चीनी नौसेना ने पिछले 5-6 साल में अपनी ताकत को कई गुना बढ़ा लिया है।





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