ओस्लो फिलीपींस की पत्रकार मारिया रसा और रूस के पत्रकार दिमित्री मुरातोव को नोबेल शांति पुरस्कार 2021 से सम्मानित किया गया है। दोनों पत्रकारों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के उनके प्रयासों के लिए यह पुरस्कार दिया जा रहा है, जो लोकतंत्र और स्थायी शांति के लिए पहली शर्त है। नार्वे की नोबेल समिति ने शुक्रवार को इन पुरस्कारों की घोषणा की है। दुनियाभर में भूख और खाद्य असुरक्षा से लड़ाई के लिए वर्ल्ड फूड प्रोग्राम को पिछले साल शांति का नोबेल पुरस्कार मिला था। मारिया रसा फिलीपीनो-अमेरिकन पत्रकार, लेखिका और फिलीपींस की ऑनलाइन न्यूज वेबसाइट Rappler की सह-संस्थापक हैं। वहीं दिमित्री मुरातोव रूस के पत्रकार और रूसी अखबार Novaya Gazeta एडिटर-इन-चीफ हैं। मारिया को फिलीपींस की सरकार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाना जाता है। उन पर 11 मुकदमें दर्ज हैं और वह कई पुरस्कार भी जीत चुकी हैं। पिछले साल सुनाई गई 6 साल जेल की सजापिछले साल उन्हें मानहानि के एक मामले में दोषी पाए जाने के बाद 6 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। मनीला की अदालत ने ऑनलाइन समाचार साइट रैपलर इंक की मारिया रसा और पूर्व रिपोर्टर रेनाल्डो सैंटोस जूनियर को एक अमीर कारोबारी की मानहानि का दोषी पाया था। फिलहाल वह जेल से बाहर हैं और अपनी पत्रकारिता के लिए पूरी दुनिया में विख्यात हैं। मारिया लगातार अभिव्यक्ति की आजादी के लिए काम करती रहती हैं। पर्सन ऑफ द ईयर 20182018 में टाइम मैग्जीन ने उन्हें पर्सन ऑफ़ द ईयर की उपाधि दी थी। यूनेस्को के अनुसार मारिया ने पत्रकारिता के दायरे को बढ़ाया है। विरोधाभास परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार मानने से इनकार कर दिया। मारिया इससे पहले सीएनएन के लिए करीब दो दशक तक दक्षिण पूर्व एशिया में खोज पत्रकार के रूप में भी कम कर चुकी हैं। 'रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स' की ओर से शुरू किए गए सूचना और लोकतंत्र आयोग के 25 प्रमुख सदस्यों में से एक रसा भी हैं। इंटरनेशनल प्रेस फ्रीडम अवॉर्ड से सम्मानितदूसरी ओर दिमित्री मुरातोव की रूसी अखबर नोवाया गजेटा को 'Committee to Protect Journalists' एकमात्र राष्ट्र्रीय प्रभाव वाला वास्तविक आलोचक अखबार मानता है। अखबार को संवेदनशील मुद्दों जैसे मानवाधिकार उल्लंघन या सरकारी भ्रष्टाचार पर विस्तृत रिपोर्टिंग के लिए जाना जाता है। मुरातोव को 2007 में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए बनाई गई समिति ने इंटरनेशनल प्रेस फ्रीडम अवॉर्ड से सम्मानित किया था। यह पुरस्कार मुरातोव के साहस के लिए दिया गया था क्योंकि हमलों और जेल की धमकियों के बीच भी वह अभिव्यक्ति की आजादी के लिए काम करते रहे। आलोचक अखबार को मिले इंटरनेशनल अवॉर्डमुरातोव ने 18 जनवरी 2010 को लीजन ऑफ ऑनर ऑर्डर मिला। अपने अखबार के लिए काम करते हुए भी उन्होंने वैश्विक स्तर पर कई अवॉर्ड जीते। 29 मई 2010 में उनके अखबार को अभिव्यक्ति की आजादी के लिए चार 'फ्रीडम अवॉर्ड' मिले थे। अब मुरातोव को मारिया रसा के साथ नोबेल शांति पुरस्कार मिल रहा है। उन्होंने यह पुरस्कार ऐसे समय पर दिया जा रहा है जब हांग कांग, चीन, उत्तर कोरिया, अफगानिस्तान जैसे देशों में अभिव्यक्ति की आजादी पर सवाल उठ रहे हैं और सही सूचनाएं बाहर नहीं आ पा रही हैं।
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