ताइपे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बार अपनी दादागिरी के लिए निशाने पर लिए जा चुके चीन के तेवर नरम पड़ते नहीं दिख रहे हैं बल्कि ऐसा लग रहा है जैसे ड्रैगन ने ताइवान के खिलाफ युद्ध छेड़ने का मन बना लिया हो। पिछले तीन दिनों में चीन ने 98 लड़ाकू विमान ताइवान के एयरस्पेस में घुसपैठ करने भेज दिए लेकिन हद तब हो गई जब अकेले सोमवार को 52 विमानों का जखीरा गरजता हुआ चला आया। चीन की इस ताजा हरकत से पूरी दुनिया सकते में है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि 4 अक्टूबर को पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के 52 विमान ताइवान के दक्षिणपश्चिमी एयरस्पेस में दाखिल हुए। इनमें से 34 J-16, 2 SU-30, 2 Y-8 ASW और 2 KJ-500 AEW&C विमान थे जबकि परमाणु क्षमता से लैस 12 H-6 विमान भी थे। ताइवान ने जवाब में अपनी हवाई टुकड़ियां भेजीं और अपने ऐंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग सिस्टम को भी तैनात कर दिया। चीन ने नहीं दिया जवाब घुसपैठ करने वाले विमानों को रेडियो पर चेतावनी भी दी गई और एयर-डिफेंस मिसाइल सिस्टम को इस ऐक्टिविटी को मॉनिटर करने के लिए तैनात कर दिया। इससे पहले ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि 1 अक्टूबर से चीनी वायुसेना लगातार ताइवानी हवाई रक्षा क्षेत्र में बिना अनुमति के घुसपैठ कर रही है जबकि चीन ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया है। सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन इस बीच अमेरिका ने चीनी विमानों की घुसपैठ पर चिंता जताते हुए स्वशासित द्वीप के नजदीक इसे ‘भड़काने वाली सैन्य गतिविधि’ करार दिया है। चीन ताइवान पर अपना दावा करता है। चीन ने शुक्रवार को 38 और शनिवार को 39 लड़ाकू विमानों को ताइवान की ओर भेजा था जो पिछले साल सितंबर से चीन के लड़ाकू विमानों के उड़ान की जानकारी साझा करने की शुरुआत के बाद से सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन था। चीन के विमान शनिवार की रात के बाद रविवार को दिन में भी ताइवान की ओर आए।
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