वॉशिंगटन दुनिया में टेक्नोलॉजी के बेहताशा इस्तेमाल ने हैकिंग की चिंताओं को भी बढ़ा दिया है। इस बीच दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने पिछले साल राज्य प्रायोजित हैकिंग () को लेकर बड़ा खुलासा किया है। माइक्रोसॉफ्ट ने बताया है कि पिछले एक साल में राज्य प्रायोजित हैकिंग के 58 फीसदी मामलों के पीछे रूस का हाथ था। कंपनी ने यह भी बताया कि चीन तो 10 फीसदी से भी कम हैकिंग के लिए जिम्मेदार है। रूस ने अमेरिका और NATO देशों को बनाया निशाना माइक्रोसॉफ्ट ने बताया कि रूस ने ज्यादातर अमेरिका में सरकारी एजेंसियों और थिंक टैंकों को निशाना बनाया। इसके अलावा यूक्रेन, ब्रिटेन और यूरोपीय नाटो सदस्य देशों की सरकारी और गैर सरकारी एजेंसियों को भी हैक किया गया। 2020 की शुरुआत में हुई सोलरविंड्स हैकिंग ने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया था। इससे न केवल अमेरिकी फेडरल गवर्मेंट एंजेंसियों के डेटा को हैक किया गया, बल्कि कई टॉप सीक्रेट जानकारियों को भी चुराया गया। रूस से ज्यादा चीनी हैकरों की सफलता की दर माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेट के वाइस प्रेसिडेंट कस्टमर सिक्योरिटी एंड ट्रस्ट टॉम बर्ट ने रिपोर्ट में लिखा कि जुलाई 2020 से जून 2021 के बीच रूसी हैकरों की सफलता की दर बढ़कर 32 फीसदी पहुंच गई है। इससे पहले रूसी हैकर हर 100 में से केवल 21 हैकिंग में ही सफल हो पाते थे। रूसी हैकर खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के लिए दुनियाभर की सरकारी एजेंसियों को टॉरगेट कर रहे हैं। जो पिछले एक साल में 3 फीसदी से बढ़कर 53 फीसदी तक पहुंच चुका है। सरकारी एजेंसियों को टॉरगेट कर रहे रूसी हैकर रूसी हैकर मुख्य रूप से विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा या रक्षा में शामिल एजेंसियों को टॉरगेट कर रहे हैं। रिपोर्ट में रैंसमवेयर हमलों को एक गंभीर और बढ़ती हुई प्लेग के रूप में बताया गया है। इसका सबसे बड़ा शिकार अमेरिका बना है। रैंसमवेयर हमले आपराधिक और आर्थिक रूप से प्रेरित हैं। इसमें हैकर आपकी निजी जानकारियां या डेटा को चुराकर उसके बदले पैसे की डिमांड करते हैं। चीन हर 10 में से एक हैकिंग के लिए जिम्मेदार माइक्रोसाफ्ट ने यह भी बताया कि चीन राज्य-समर्थित हैकिंग की 10 में से 1 कोशिश के लिए जिम्मेदार है। इसके बावजूद वह टॉरगेट नेटवर्क को हैक करने में 44 फीसदी तक सफल रहा है। 30 जून को खत्म हुए वर्ष के दौरान दूसरी सबसे ज्यादा हैकिंग करने वाला देश उत्तर कोरिया रहा है। इस देश ने पूरी दुनिया में हैकिंग की 23 फीसदी घटनाओं को अंजाम दिया है। जबकि पिछले साल उत्तर कोरिया का योगदान मात्र 11 फीसदी ही था। उत्तर कोरिया 23 फीसदी हैकिंग के साथ दूसरे नंबर पर माइक्रोसाफ्ट ने बताया कि उत्तर कोरिया और ईरान से हैकिंग करने के कई मामले सामने आ रहे हैं। दक्षिण कोरिया, तुर्की और वियतनाम में भी हैकरों के झुंड सक्रिय हैं, हालांकि इनकी संख्या बेहद कम है। कोविड वैक्सीन और इलाज का विकास करने वाली कंपनियों पर भी साइबर क्रिमिनलों ने खूब हमले किए हैं।
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