बेरूत चीन और भारत के बाद अब पश्चिम एशियाई देश लेबनान में भी बिजली संकट गंभीर हो गया है। लेबनान में ईंधन की कमी के कारण कई दिनों के लिए बिजली कटौती का ऐलान किया है। लेबनान में दो सबसे बड़े बिजली स्टेशनों ने काम करना बंद कर दिया है। जिसके कारण पूरा लेबनान अंधेरे में डूब गया है। राजनीतिक अस्थिरता और आपसी खींचतान ने को और ज्यादा बढ़ा दिया है। दो पावर स्टेशन मों बिजली उत्पादन ठप स्काई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अल ज़हरानी और दीर अम्मार बिजली स्टेशनों पर ऊर्जा उत्पादन 200 मेगावाट से नीचे गिर गया। ईंधन की कमी के कारण लेबनान के कई फैक्ट्रियों को बंद कर दिया गया है। इस कारण खाने-पीने के सामान की भी कमी हो गई है। लोग कालाबाजारी के जरिए सामान खरीदने को मजबूर हैं। पेट्रोल पंपों पर भी गाड़ियों की कई किलोमीटर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लेबनान में गहरा सकता है बिजली संकट संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि लेबनान में आने वाले दिनों में ईंधन संकट और गहरा सकता है। देश की 79 फीसदी आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन गुजार रही है। बढ़ती बेरोजगारी और मुद्रा का अवमूल्यन भी परेशानी खड़ा कर रहा है। इस बीच राजनीतिक अस्थिरता ने इस संकट को और बढ़ा दिया है। लेबनान को तेल भेजता रहेगा ईरान ईरान ने कहा है कि वह ईंधन की कमी से जूझ रहे लेबनान को तेल की सप्लाई करता रहेगा। कुछ दिनों पहले ईरान ने हिजबुल्लाह आतंकियों की देखरेख में लेबनान में कई ट्रक ईंधन सप्लाई की थी। ईरानी विदेश मंत्री होसैन अमीरबदोल्लाहियान ने बेरूत की यात्रा के दौरान कहा कि ईरान का लक्ष्य भविष्य में लेबनान को तेल आपूर्ति सुनिश्चित करने का है। ईरान समर्थित लेबनानी शिया समूह हिजबुल्लाह लेबनान के लिए ईरानी ईंधन शिपमेंट की सुरक्षा कर रहे हैं। भारत में कई थर्मल पावल प्लांट में कोयले की कमी भारत मे भी कोयले से चलने वाले 135 पावर प्लांट में से आधे से ज्यादा ऐसे हैं, जहां कोयले का स्टॉक खत्म होने वाला है। इनमें से कई पावर प्लांट में केवल 2-4 दिन का ही स्टॉक बचा है। अगर ऐसा हुआ तो देश के कई हिस्सों में अंधेरा छा जाएगा और इनमें राजधानी दिल्ली भी शामिल होगी। राजस्थान और पंजाब के कुछ हिस्सों में बिजली की कटौती शुरू भी हो गई है। कोयला आधारित संयंत्र, थर्मल पावर प्लांट की कैटेगरी में आते हैं। भारत में इस्तेमाल होने वाली बिजली की आपूर्ति 71 फीसदी थर्मल पावर प्लांट्स के जरिए की जाती है। चीन में भी बिजली संकट, कई फैक्ट्रियां बंद चीन के पूर्वोत्तर इलाकों में शुरू हुआ बिजली का संकट अब बढ़ता ही जा रहा है। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि कई फैक्ट्रियां, मॉल, दुकानें बंद करनी पड़ी हैं। उत्पादन ठप होने से जरूरी वस्तुओं की कमी भी देखी जा रही है। बिजली की कमी के कारण एप्पल, टेस्ला जैसी बड़ी कंपनियों को भी अपने उत्पादन में कटौती करनी पड़ी है। कोयले की कमी को पूरा करने के लिए चीन अब विदेश से तेजी से आयात करने पर जोर दे रहा है।
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