तेहरान/तेल अवीव ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के साथ दोनों देश बड़े पैमाने पर हवाई अभ्यास कर रहे हैं। इजरायल को सात देशों के साथ ब्लू फ्लैग 2021 नाम का हवाई अभ्यास कर रहा है। इसमें भारत, अमेरिका के अलावा जर्मनी, इटली, ब्रिटेन, फ्रांस और ग्रीस शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इजरायल के इतिहास में यह अबतक का सबसे बड़ा और सबसे उन्नत युद्धाभ्यास है। एफ-35 , राफेल और मिराज शामिल ब्लू फ्लैग युद्धाभ्यास में चौथे और पांचवे जेनरेशन के लड़ाकू विमान हिस्सा ले रहे हैं। भारतीय वायु सेना के मिराज-2000 विमान इस युद्धाभ्यास में हिस्सा लेने के लिए इजरायल पहुंचे हुए हैं। इसके अलावा एफ-35, एफ-16, राफेल लड़ाकू विमान हवाई करतब दिखा रहे हैं। एफ-35 को दुनिया का सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान माना जाता है। अमेरिका के अलावा इजरायल भी इस लड़ाकू विमान को ऑपरेट करता है। IDF चीफ भी युद्धाभ्यास देखने पहुंचे इजरायल डिफेंस फोर्स के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट-जनरल अवीव कोहावी गुरुवार को इस युद्धाभ्यास को देखने पहुंचे थे। इस दौरान इजरायली वायु सेना के अधिकारियों ने उन्हें युद्धाभ्यास से जुड़ी तमाम जानकारियां दी। अवीव कोहावी ने कहा कि यह रणनीतिक और सामरिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण और प्रभावी युद्धाभ्यास है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर से वायु सेना के साथ इजरायल का अद्वितीय सहयोग हमारी रणनीतिक स्थिति को दिखाता है। पहली बार इजरायल पहुंचे भारत, ब्रिटेन, फ्रांस के लड़ाकू विमान इजरायल के उवडा एयरबेस के बाहर नेगेव रेगिस्तान में हो रही दो हफ्ते की इस ड्रिल में दुश्मन के इलाकों में घुसकर बमबारी का अभ्यास किया जा रहा है। इजरायल की स्थापना के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब ब्रिटेन ने अपनी लड़ाकू स्क्वाड्रन को इस यहूदी राष्ट्र में तैनात किया है। इतना ही नहीं, भारत ने भी पहली बार मिराज लड़ाकू विमान भेजा है। फ्रांस ने भी राफेल लड़ाकू विमान के स्क्वाड्रन को तैनात किया है। ईरान भी कर रहा हवाई अभ्यास इस बीच ईरान की वायु सेना ने भी गुरुवार को Modafe'an Aseman-e Velayat 1400 हवाई युद्धाभ्यास की शुरुआत की। इस युद्धाभ्यास का उद्देश्य इस्लामिक गणराज्य ईरान की वायु सेना की क्षमताओं का परीक्षण करना है। ईरानी फारस न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस ड्रिल में स्वदेशी और अपग्रेडेड सिस्टम और हथियारों की क्षमता जांची जाएगी। इसके अलावा ईरानी वायु सेना सेमी हैवी स्मार्ट बम, सभी तरह के लेजर सिस्टम, थर्मल और रडार गाइडेड मिसाइल, रॉकेट और बमों को टेस्ट किया जाएगा। ईरानी वायु सेना के लड़ाकू विमान ले रहे हिस्सा ईरानी वायु सेना के युद्धाभ्यास में एफ-4, एफ-5 और एफ-7 लड़ाकू विमानों के अलावा सुखोई Su-27s, F-14s, मिराज F1s और MiG-29s भी हिस्सा ले रहे हैं। ईरानी वायु सेना के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल हामिद वाहेदी ने कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों की लंबी दूरी तर मार करने की क्षमता, पिन पाइंट एक्यूरेसी से बॉम्बिंग और हवा से जमीन पर मिसाइल दागने की क्षमता को बढ़ाया जाएगा।
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