अबू धाबीसंयुक्त अरब अमीरात का पासपोर्ट एक बार फिर दुनिया में सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट बन गया है। Arton Capital द्वारा जारी ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स ने 'Highest Mobility Score' हासिल करने के लिए यूएई के पासपोर्ट को दुनिया में पहला स्थान दिया है जो 152 देशों में प्रवेश की अनुमति देता है। 98 देश वीजा मुक्त प्रवेश का प्रस्ताव देते हैं, 54 देश वीजा ऑन अराइवल देते हैं और 46 देशों में प्रवेश से पहले वीजा की जरूरत होती है। यूएई का पासपोर्ट दिसंबर 2018 में पहली बार सबसे मजबूत पासपोर्ट बना था। 2019 में इसने अपनी रैंक को बरकरार रखा लेकिन 2020 में यह फिसलकर 14वें स्थान पर आ गया। अब 2021 में पासपोर्ट ने एक बार फिर शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है और दुनिया में सबसे मजबूत पासपोर्ट बन गया है। यूएई ने इस साल की शुरुआत में नागरिकता कानून में संशोधन को मंजूरी दी, जिससे निवेशकों, पेशेवरों, विशेष प्रतिभाओं और उनके परिवारों को कुछ शर्तों के तहत यूएई की नागरिकता और पासपोर्ट हासिल करने की अनुमति मिली। कोविड-19 के बाद रैंकिंग में हुआ बदलावपासपोर्ट की रैंकिंग धारकों की आवाजाही की स्वतंत्रता औक वीजा मुक्त यात्रा पर आधारित है। पासपोर्ट की ताकत नागरिक की पहचान का प्रतिनिधित्व करती है। साथ ही यह वैश्विक अवसरों तक नागरिक की पहुंच, आवाजाही में आसानी और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक है। कोविड-19 महामारी के बाद देशों के बीच वीजा संबंधी नियम बदलने के बाद रैंकिंग में बदलाव किया गया है। भारत-पाकिस्तान को कौन सा स्थानभारतीय पासपोर्ट को इसमें 85वां स्थान हासिल हुआ है। पिछले साल यह रैंक 84 थी। सबसे आखिरी स्थान, 112वीं रैंक अफगानिस्तान को मिली। वहीं पाकिस्तान को पीछे से चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। इससे पहले खबर आई कि संयुक्त अरब अमीरात में भारतीयों प्रवासियों को अब नए डिजाइन वाला भारतीय पासपोर्ट दिया जाएगा, जिसमें पहले से ज्यादा सुरक्षा विशेषताएं होंगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक नए पासपोर्ट के लिए आवेदन करने या पुराने पासपोर्ट को रिन्यू करवाने पर नई डिजाइन वाला पासपोर्ट मिलेगा।
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