ताइपे चीनी सेना ने दादागिरी की सारी हदें पार करते हुए ताइवान के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन में सोमवार को एक साथ 52 फाइटर जेट भेजे। यही नहीं उसके बाद फिर चार फाइटर जेट भेजे। पिछले 4 दिनों में चीन ने अब तक 149 फाइटर जेट ताइवान के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन में भेजे हैं। चीन की इस सीनाजोरी के जवाब में अब ताइवान ने जंग की तैयारी का ऐलान किया है। चीन और ताइवान के बीच जारी इस तनाव से दक्षिण चीन सागर में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। इससे पहले चीन ने एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन में अब तक की सबसे बड़ी घुसपैठ करते हुए सोमवार को एक साथ 52 फाइटर जेट भेजे जिससे इलाके में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ वू ने चेतावनी दी है कि उनका देश अब चीन के साथ जंग की तैयारी कर रहा है और उन्होंने ऑस्ट्रेलिया से इसमें मदद मांगी है। ताइवान ने ऑस्ट्रेलिया से अपील की कि वह खुफिया जानकारी साझा करना तेज करे और सुरक्षा सहयोग करे। हम अंतिम दम तक लड़ेंगे और यह हमारी प्रतिबद्धता है: ताइवान ताइवानी विदेश मंत्री ने एबीसी चैनल के एक प्रोग्राम में घोषणा की कि अगर चीन वास्तव में हमला करता है तो ताइवान उसका करारा जवाब देने के लिए खुदे को तैयार करेगा। जोसेफ वू ने कहा, 'ताइवान की सुरक्षा खुद हमारे हाथों में है और हम इसको लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। अगर चीन ताइवान के खिलाफ जंग शुरू करने जा रहा है तो हम अंतिम दम तक लड़ेंगे और यह हमारी प्रतिबद्धता है।' जोसेफ वू ने कहा कि चीन ने अगर ताइवान पर हमला किया तो उसे भी बहुत नुकसान उठाना पड़ेगा। इससे पहले ताइवान का 4 दिन से निरंतर सैन्य उत्पीड़न कर रहे चीन ने इस स्वायत्त क्षेत्र के समक्ष अपनी ताकत का अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन करते हुए सोमवार को ताइपे की ओर 52 लड़ाकू विमान उड़ाए। ताइवान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक उड़ान भरने वाले लड़ाकू विमानों में 34 जे-16 लड़ाकू विमान और 12 एच-6 परमाणु बमवर्षक विमान थे। सैन्य, कूटनीतिक और आर्थिक दबाव बंद करे चीन: अमेरिका ताइवान की वायुसेना ने चीन के लड़ाकू विमानों को वापस लौटने पर मजबूर किया और अपनी वायु रक्षा प्रणाली पर चीनी युद्धक विमानों की गतिविधियों पर नजर रखी। इसके बाद चीन ने 4 और विमान भेजे। चीन ने शुक्रवार को अपने राष्ट्रीय दिवस के मौके पर 38 और शनिवार को 39 लड़ाकू विमानों को ताइवान की ओर भेजा था। रविवार को उसने 16 अतिरिक्त विमानों को उसकी ओर भेजा था। ताइवान के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में इतने विमानों की आवाजाही के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने वक्तव्य जारी करके कहा था, ‘हम बीजिंग से अनुरोध करते हैं कि वह ताइवान के खिलाफ सैन्य, कूटनीतिक और आर्थिक दबाव एवं बल पूर्वक कार्रवाई बंद करे।’
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