दुबई ने ब्रह्मांड की उत्पत्ति के संबंध में डेटा इकट्ठा करने के लिए मंगल और बृहस्पति के बीच ऐस्टरॉइड बेल्ट में अंतरिक्ष यान भेजने की योजना की मंगलवार को घोषणा की। यह तेल के मामले में समृद्ध देश के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम की नवीनतम परियोजना है। इस परियोजना के तहत 2028 में प्रक्षेपण और 2033 में लैंडिंग (उतरने) का लक्ष्य है। का प्लान शुक्र ग्रह पर यान भेजने का भी है। पांच साल की यात्रा में ऐस्टरॉइड बेल्ट को जाने वाला अंतरिक्ष यान करीब 3.6 अरब किलोमीटर की दूरी तय करेगा। संयुक्त अरब अमीरात की अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि वह इस परियोजना के लिए कोलोरैडो विश्वविद्यालय में वायुमंडलीय विज्ञान और भौतिकी प्रयोगशाला के साथ साझेदारी करेगी। एजेंसी ने इस पर आने वाली लागत के बारे में बताने से इनकार किया। 20 करोड़ डॉलर का खर्च इस परियोजना से पहले संयुक्त अरब अमीरात ने फरवरी में अपने एक अंतरिक्ष यान को मंगल की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया था। वह यान एक कार के आकार का था और उसे तैयार करने और प्रक्षेपण पर करीब 20 करोड़ डॉलर का खर्च आया। अमीरात की योजना 2024 में चंद्रमा पर एक मानव रहित अंतरिक्ष यान भेजने की भी है। उसने 2117 तक मंगल ग्रह पर एक मानव कॉलोनी बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी निर्धारित किया है। मंगल पर भी भेजा मिशन मंगल ग्रह का चक्कर भी UAE का होप यान काट रहा है। यूएई इस प्रॉजेक्ट को अरब के युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत के रूप में भी पेश करना चाहता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यूएई, अमेरिका और चीन के यान का मंगल तक पहुंचना दुनिया में बढ़ती रेस को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि दुनिया की महाशक्तियां धरती के बाद अंतरिक्ष में अपना दबदबा स्थापित करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि एक महीने के अंदर तीन अंतरिक्ष यान का मंगल की कक्षा की ओर पहुंचना अप्रत्याशित है। इन सब यानों से हमारी मंगल ग्रह के बारे में जानकारी बढ़ेगी।
from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3ozvgJh
via IFTTT
No comments:
Post a Comment