काठमांडू नेपाल में बेमौसम बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 101 हो गई है, जबकि 35 अन्य लोग अब भी लापता हैं। बारिश से आई आपदाओं में 40 लोग घायल हो गए हैं और फसलों और संपत्तियों को भारी नुकसान हुआ है। आपदा और संघर्ष प्रबंधन प्रभाग के प्रमुख हम काला पांडे ने गुरुवार रात बताया कि हम फिलहाल बचाव और राहत कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। संपत्तियों के नुकसान का अनुमान बाद में लगाया जाएगा। पांडे ने कहा कि हमने विभिन्न जिलों से 4,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि इस महीने की शुरूआत में मानसून की कमी के बाद सोमवार को शुरू हुई अप्रत्याशित बारिश ने पूर्व में प्रांत 1 और पश्चिम में सुदुर पश्चिम और करनाली प्रांतों को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा, ‘गुरुवार को भारी बारिश नहीं हुई थी, इसलिए हम उम्मीद कर रहे हैं कि अब से और नुकसान नहीं होगा।’ 10 अरब नेपाली रूपये का धान नष्ट प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने गुरुवार को सुदुर पश्चिम में बझांग और कैलाली जिलों का दौरा किया और उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को त्वरित बचाव और राहत अभियान शुरू करने का निर्देश दिया और उन किसानों को राहत पैकेज देने का वादा किया जिन्होंने अपना धान खो दिया है। कृषि और पशुधन विकास मंत्रालय के एक अनुमान के मुताबिक, 10 अरब नेपाली रूपये (80 लाख डॉलर) का धान नष्ट हो गया है। मंत्रालय के प्रवक्ता प्रकाश कुमार संजेल ने कहा, ‘हमने नुकसान होने की रिपोर्ट इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। वास्तविक नुकसान का पता लगाने में कुछ दिन लगेंगे।’ सरकार ने आपदाओं में एक सदस्य को खोने वाले सभी परिवार को 200,000 नेपाली रूपये और एक से अधिक सदस्यों को खोने वाले परिवारों को अतिरिक्त 100,000 नेपाली रूपये प्रदान करने का निर्णय लिया है। जिन परिवारों के घर खो गए हैं, उनके लिए सरकार 300,000 नेपाली रूपये और 500,000 नेपाली रूपये के बीच सहायता प्रदान करती है।
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