Wednesday, 6 October 2021

https://ift.tt/36CAGd7

नैशविले से हुए खुलासे ने दुनियाभर में तहलका मचाया हुआ है। इस खुफिया रिपोर्ट में कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों समेत दुनियाभर के बड़े-बड़े रईस लोगों पर विदेशों में धन छिपाने के आरोप लगाए गए हैं। गोपनीय दस्तावेजों से पता चलता है कि कैसे लोग टैक्स बचाने के वास्ते अपने धन को छुपाने के तरीके इस्तेमाल करते हैं। लगभग एक करोड़ 20 लाख दस्तावेजों को मिलाकर तैयार की गई इस रिपोर्ट को 'इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स' (आईसीआईजे) ने जारी किया है। यह कंसोर्टियम दुनियाभर के मीडिया संगठनों के साथ काम करती है। कम टैक्स वाले देशों में छिपा रहे पैसा विश्व के नेताओं, पूर्व राष्ट्रपतियों और प्रधानमंत्रियों की संपत्तियों के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ, पैंडोरा पेपर्स से पता चलता है कि कैसे कम टैक्स रेट वाले कई देशों में कर से बचने के लिए धन छिपाया जाता है। वेंडरबिल्ट विश्वविद्यालय के कराधान विशेषज्ञ बेवर्ली मोरन ने लीक हुए दस्तावेजों के संबंध में तीन तरीकों से चर्चा की। क्यों पैसा छिपाते हैं अमीर लोग? कैसे अमीर लोग टैक्स नीति की कमियों का उपयोग करते हैं। पैंडोरा पेपर्स 'पनामा पेपर्स' नामक दस्तावेजों के इसी तरह के लीक होने के पांच साल बाद आये है। उन दस्तावेजों से पता चलता है कि दुनिया के सबसे धनी लोगों में से कितने लोग अपनी संपत्तियों को कम टैक्स रेट वाले देशों या अधिकार क्षेत्र में रखकर किसी भी प्रकार के टैक्स से बचते हैं। नए तरीकों से पैसा छिपाया जा रहा पनामा पेपर्स के जवाब में, कई देशों ने उपाय किए जिससे पनामा पेपर्स में उजागर की गई कुछ तकनीकों को अप्रचलित बना दिया गया। पैंडोरा पेपर्स उस रणनीति को प्रकट करते हैं जो धनी लोगों ने अतीत में इस्तेमाल किए गए अब गुप्त साधनों को बदलने के लिए विकसित की हैं। विशेष रूप से, पैंडोरा पेपर्स कर लगाना कठिन बनाने में मुखौटा कंपनियों की भूमिका पर प्रकाश डालते हैं। मुखौटा कंपनियों की बड़ी भूमिका एक मुखौटा कंपनी एक कानूनी इकाई है जो केवल कागज पर मौजूद होती है। यह कुछ भी उत्पादन नहीं करती है और न ही किसी को रोजगार देती है। इसका मूल्य एक प्रमाण पत्र में निहित है जो एक सरकारी कार्यालय में होता है। इस प्रमाणपत्र के साथ, मुखौटा कंपनी - जिसका एकमात्र उद्देश्य संपत्ति रखना और छिपाना है। 'टैक्स हेवन' के रूप में उभरा दक्षिण डकोटा आईसीआईजे ने पंडोरा पेपर्स नाम से जो नए खुलासे किए हैं, उनसे सामने आया एक अहम तथ्य यह है कि अमेरिका का दक्षिण डकोटा राज्य भी अब एक ‘टैक्स हेवन’ बन गया है। उसका नाम उन स्थानों में शामिल हो गया है, जहां दुनिया के धनी लोग अवैध या अनैतिक ढंग से अपने धन को लाकर रखते हैं। क्या होता है टैक्स हेवन? टैक्स हेवन उन देशों को कहते हैं जहां अन्य देशों की अपेक्षा बहुत कम कर लगता है, या बिल्कुल कर नहीं लगता। ऐसे देशों में कर के अलावा भी बहुत सी गतिविधियां चलतीं हैं। ऐसे देश कर में किसी प्रकार की पारदर्शिता नहीं रखते है और न ही किसी प्रकार की वित्तीय जानकारी को साझा करते हैं। ये देश उन लोगों के लिए स्वर्ग हैं, जो कर चोरी करके पैसा यहां जमा कर देते हैं। दक्षिण डकोटा खूब चर्चा में पैंडोरा पेपर्स में दक्षिण डकोटा का उल्लेख किया गया है क्योंकि कई अमीर लोग राज्य को टैक्स हेवन के रूप में इस्तेमाल करते हैं। दरअसल, पैंडोरा पेपर्स में पहचाने गए 206 अमेरिकी ट्रस्टों में से - जिनके पास एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की संपत्ति है, 81 दक्षिण डकोटा से हैं।


from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3uM5qCC
via IFTTT

No comments:

Post a Comment

https://ift.tt/36CAGd7

रियाद सऊदी अरब के नेतृत्‍व में गठबंधन सेना ने यमन की राजधानी सना में हूती विद्रोहियों के एक शिविर को हवाई हमला करके तबाह कर दिया है। सऊदी...