लंदन दर्जनों प्रवासियों को ले जा रही एक नाव कैलिस के पास पलट गई और इसमें कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे को हाल के दिनों में इंग्लिश चैनल में अब तक की सबसे बड़ी जनहानि माना जा रहा है क्योंकि इस साल हजारों लोगों ने इसे पार करने की कोशिश की है। इंग्लिश चैनल में कम से कम 27 लोगों की मौत के बाद ब्रिटेन और फ्रांस के बीच इस बात को लेकर तनाव बढ़ गया है कि दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग को विस्थापितों द्वारा छोटी नौकाओं से पार करने से कैसे रोका जाए? ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस बात को लेकर प्रतिबद्धता जताई थी कि मानव तस्करों द्वारा विस्थापितों के जीवन को जोखिम में डालने के इन प्रयासों को रोकने के लिए वे 'हर संभव प्रयास करेंगे'। इसके बावजूद दोनों देशों के नेता अपने-अपने समकक्षों को बुधवार के हादसे को रोकने में नाकाम रहने के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। ब्रिटिश अधिकारियों ने ब्रिटिश पुलिस और सीमा अधिकारियों को फ्रांसीसी पुलिस के साथ संयुक्त गश्त करने की पेशकश को ठुकराने पर फ्रांस की आलोचना की है। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरूवहीं, फ्रांसीसी अधिकारियों का कहना है कि ब्रिटेन संकट को बढ़ा रहा है क्योंकि विस्थापितों द्वारा चैनल को पार करने में सफल होने पर उनके लिए देश में रहना और काम करना आसान है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच ब्रिटिश सांसद गुरुवार को छोटी नौकाओं की मदद से इंग्लिश चैनल पार करने वाले विस्थापितों की बढ़ती संख्या पर बहस करेंगे। फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैकों का भी यूरोपीय संघ के अधिकारियों के साथ चर्चा करने का कार्यक्रम है। इन सब के बीच सबसे अहम सवाल है कि आखिर क्यों इतनी बड़ी संख्या में लोग ब्रिटिश चैनल को पार करने के लिए अपनी जान को जोखिम में डाल रहे हैं और ये कहां से आ रहे हैं? कहां से आ रहे इतनी बड़ी संख्या में लोग?इस साल छोटी नावों में इंग्लिश चैनल पार करने वालों की संख्या अब पूरे 2020 की तुलना में तीन गुना है। प्रेस एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार इस साल 25,700 से अधिक लोगों ने इस क्षेत्र में यात्रा की है। ऐसा नहीं है कि अवैध प्रवासी सिर्फ फ्रांस के नागरिक हैं बल्कि इनमें ईरान, इराक, सीरिया, अफगानिस्तान, ताजिकिस्तान, कुवैत, तुर्की, फिलिस्तीन, मिस्र, इरिट्रिया, इथियोपिया, सूडान, दक्षिण सूडान, यमन, गिनी, माली, चाड, सोमालिया, नाइजर, लीबिया और अल्बानिया सहित कई देशों के लोग शामिल हैं। इनमें ज्यादातर नावें फ्रांस के उत्तर तट से कैलिस और डनकर्क के पास रवाना हुईं। क्यों इंग्लिश चैनल पार करना चाहते हैं?अब सवाल यह कि ये लोग इंग्लिश चैनल को पार क्यों करना चाहते हैं? इसके अलग-अलग कारण हो सकते हैं जो लोगों के मूल देश की और उनके व्यक्तिगत जीवन पर निर्भर करते हैं। कुछ युद्धग्रस्त देशों और जबरन सैन्य सेवाओं को छोड़कर भाग रहे हैं जबकि कुछ उत्पीड़न से बचकर भाग रहे हैं। कुछ को बेहतर जीवन के लिए ब्रिटेन आना है तो कुछ लोगों के दोस्त और परिवार पहले से ही ब्रिटेन में रहते हैं। कैसे हो जाती है ज्यादातर लोगों की मौत?छोटी से नाव के जरिए समुद्र को लांघने के प्रयास में ये लोग जान गंवा देते हैं। इंग्लिश चैनल का डोवर जलडमरूमध्य दुनिया की सबसे व्यस्त शिपिंग लेन है और इसे पार करने का मतलब ज्यादातर के लिए मौत होता है। अब तक मरने वालों के सटीक आंकड़े का अंदाजा लगा पाना मुश्किल है। इस महीने की शुरुआत में यात्रा करने की कोशिश कर रहे तीन प्रवासियों की एक हफ्ते के अंदर मौत हो गई। अक्टूबर में दो बच्चों सहित चार लोगों की मौत हो गई थी जब उनकी नाव फ्रांस के तट पर डूब गई थी। 2020 में, इंस्टीट्यूट ऑफ रेस रिलेशंस ने एक रिसर्च प्रकाशित की जिसमें पाया कि 1999 से वाहन, सुरंग और पानी के ऊपर से चैनल पार करने की कोशिश में लगभग 300 शरण चाहने वालों की मौत हो चुकी है। एक स्थानीय समुद्री प्रांत के अधिकारी ने कहा कि बुधवार की घटना 'ब्रिटेन जाने की कोशिश कर रहे प्रवासियों की सबसे दर्दनाक दुर्घटना थी।' रॉयटर्स के अनुसार, इससे पहले इस साल कुल 14 लोग इस इलाके को पार करने की कोशिश में डूब चुके हैं। पानी के उस पार पहुंचने पर क्या होता है?अगर कोई नाव किसी तरह इंग्लिश चैनल को पार करने में सफल होती है तो ज्यादातर नौकाओं को बॉर्डर फोर्स या आरएनएलआई रोक लेती है जबकि कुछ नाव समुद्र तट पर सफलतापूर्वक पहुंच जाती हैं। लगभग सभी प्रवासी पहुंचने के बाद शरण की मांग करते हैं। इस प्रक्रिया को पूरा होने में लंबा समय लग सकता है, कुछ महीने तो कई बार कुछ साल। तब तक यह इंतजार चलता रहता है और लोग कैंपों में जिंदगी काटने को मजबूर होते हैं।
from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3FUHNwl
via IFTTT
No comments:
Post a Comment