काबुल अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में मंगलवार को हुए दो बम धमाकों और फायरिंग में कम से कम 25 लोग मारे गए हैं। बताया जा रहा है कि बंदूकधारियों के एक समूह ने काबुल से सबसे बड़े सैन्य अस्पताल पर हमला कर अंधाधुंध फायरिंग की। बाद में तालिबान के लड़ाकों के साथ हुए मुठभेड़ में हमलावरों को मार गिराया गया। बताया जा रहा है कि इस दौरान तालिबान का शीर्ष कमांडर भी मारा गया है। यह तालिबान के काबुल मिलिट्री कोर का प्रमुख था। तालिबान बोला- 15 मिनट में मारे गए सभी हमलावर तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा कि विस्फोट 400 बिस्तरों वाले सरदार मोहम्मद दाउद खान अस्पताल के प्रवेश द्वार पर हुए। इसके बाद इस्लामिक स्टेट के बंदूकधारियों के एक समूह ने हमला किया, जिनमें से सभी 15 मिनट के भीतर मारे गए। मुजाहिद ने यह भी बताया कि तालिबान के स्पेशल फोर्सेज कमांडो टीम को हेलीकॉप्टर के जरिए अस्पताल परिसर में एयर ड्रॉप किया गया। इससे हमलावरों को अस्पताल परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया गया और सभी को गेट या आंगन में ही मार गिराया गया। आईएसआईएस पर हमले का शक इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी गुट ने नहीं ली है। हालांकि माना जा रहा है कि इस हमले के पीछे भी इस्लामिक स्टेट का हाथ हैं। इस खूंखार आतंकवादी संगठन ने पिछले महीने में अफगानिस्तान में कई हमले किए हैं। इनमें से सबसे भीषण हमला दो शिया मस्जिदों पर किया गया था। इस्लामिक स्टेट अफगानिस्तान के तालिबान नियंत्रण के लिए सबसे बड़ा खतरा बनकर उभरा है। अबतक 25 की मौत, हेलिकॉप्टर से पहुंचाए गए कमांडो तालिबान के एक सुरक्षा अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि हमले में कम से कम 25 लोग मारे गए हैं और 50 से अधिक घायल हुए हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर हताहतों की संख्या की पुष्टि नहीं हुई है। तालिबान के अधिकारियों ने कहा कि मृतकों में काबुल सैन्य कोर के प्रमुख मौलवी हमदुल्ला मुखलिस भी शामिल है। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि हमले के दौरान कम से कम दो हेलीकॉप्टरों ने क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भरी। कौन था मौलवी हमदुल्ला मुखलिस मौलवी हमदुल्ला मुखलिस तालिबान का शीर्ष कमांडर था। इसके ऊपर काबुल के सुरक्षा की जिम्मेदारी थी। वह काबुल मिलिट्री कोर का प्रमुख भी था। मौलवी हमदुल्ला मुखलिस तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के बीच समन्वय का काम भी करता था। काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी हक्कानी नेटवर्क के नंबर दो अनस हक्कानी को सौंपी गई थी। बाद में राजधानी की सुरक्षा का चार्ज मौलवी हमदुल्ला मुखलिस को सौंप दिया गया था। काबुल के राष्ट्रपति आवास में सबसे पहले घुसा था मौलवी हमदुल्ला मुखलिस 14 अगस्त को काबुल में तालिबान के प्रवेश के बाद सबसे पहले राष्ट्रपति भवन में घुसा था। इसकी तस्वीर पूरी दुनिया की मीडिया ने छापी थी। इसने अपने लड़ाकों के साथ कतर की मीडिया अलजजीरा को इंटरव्यू भी दिया था। जिसमें उसने तालिबान की ताकत की जमकर तारीफ भी की थी।
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